यूपी में अकेले चुनाव लड़ेगी बसपा, टाइप-8 बंगला अलॉट होने पर भी बोलीं मायावती

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों को लेकर बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। उन्होंने ऐलान किया है कि पार्टी किसी भी दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

Update: 2026-02-18 06:34 GMT

लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है। उन्होंने गठबंधन को लेकर चल रही तमाम चर्चाओं को पूरी तरह भ्रामक और निराधार करार दिया है। मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे गठबंधन से जुड़ी 'उल्टी खबरों' पर ध्यान न दें और 'हाथी की मस्त चाल' चलते हुए चुनावी तैयारियों में जुट जाएं।

मायावती का टार्गेट 2007 की तरह ही प्रदेश में बसपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाना है। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में खुद को आवंटित हुए टाइप-8 बंगले को लेकर भी सफाई दी और कहा कि यह सुरक्षा की दृष्टि से आवंटित किया गया है। मायावती ने विरोधियों को नसीहत दी है कि बंगले को लेकर कोई भी गलत सूचना न फैलाएं।

गठबंधन की अटकलों पर विराम

मायावती ने कहा कि बसपा के किसी अन्य दल के साथ हाथ मिलाने की खबरें सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी चर्चाएं जानबूझकर चलाई जा रही हैं, जिससे कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने साफ लहजे में कहा कि पार्टी अपनी ताकत पर भरोसा करती है और बिना किसी बैसाखी के चुनाव लड़ेगी।

कार्यकर्ताओं से 'हाथी की मस्त चाल' चलने की अपील

मायावती ने कैडर में जोश भरते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं को विरोधियों के दुष्प्रचार से प्रभावित होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने नारा दिया कि पार्टी को 2007 वाला इतिहास दोहराना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर जाकर जनता को बीएसपी की नीतियों से जोड़ने और पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने के संकल्प के साथ काम करने को कहा है।

गठबंधन से बसपा को केवल नुकसान

मायावती ने गठबंधन की संभावनाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि बसपा को यह अच्छी तरह पता है कि सपा, कांग्रेस और भाजपा की विचारधारा बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की सोच के बिल्कुल विपरीत है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन दलों से गठबंधन करने से बसपा को कभी फायदा नहीं हुआ, बल्कि हमेशा बड़ा राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ा है। मायावती ने आरोप लगाया कि जब-जब बसपा ने गठबंधन किया, विपक्षी दलों ने बसपा का वोट तो ले लिया, लेकिन अपना वोट बसपा को ट्रांसफर कराने में नाकाम रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि 'हाथी की मस्त चाल' चलते हुए 2027 के मिशन में डटे रहे।

दिल्ली में बंगला आवंटन पर दी सफाई

सोशल मीडिया पर दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा नया बंगला आवंटित किए जाने को लेकर आ रही खबरों पर भी मायावती ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि इसे लेकर गलत और गुमराह करने वाली बातें प्रसारित की जा रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा को देखते हुए ही काफी समय बाद टाइप-8 का बंगला अलाट किया है। इसे लेकर बसपा को नुकसान पहुंचाने वाली बातें फैलाई जा रही हैं। केंद्र की वर्तमान सरकार ने मेरी सुरक्षा के हिसाब से कई बंगले अलाट किए थे। लेकिन सुरक्षा कारणों से नहीं लिया था। लिया भी था तो छोड़ दिया था। अब टाइप-8 का बंगला अलाट किया है तो उसे मैंने स्वीकार कर लिया है। इसे लेकर किस्म किस्म की गलत बातें प्रसारित की जा रही हैं।

आंबेडकरवादियों को सतर्क रहना चाहिए

मायावती ने कहा कि सपा सरकार के चलते और उसके मुखिया के इशारे पर दो जून 1995 को लखनऊ में स्टेट गेस्ट हाउस में मेरे ऊपर हमले के बाद अगले दिन बसपा के नेतृत्व में बनी पहली सरकार के बाद से ही मुझे विशेष और उच्च सुरक्षा भारत सरकार द्वारा दी गई है। सुरक्षा खतरा कम होने के बजाय बढ़ जाने के कारण बीएसपी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री होने के नाते फिर दिल्ली में टाइप-8 का बंगला पहले दिए गए बंगले के बदले दिया गया है। पहले भी मुझे टाइप-8 का बंगला मिलता रहा है।मायावती ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएगा, विरोधी पार्टियां साम-दाम-दंड-भेद के हथकंडे अपनाए जाएंगे और बसपा को सत्ता से दूर रखने के षड्यंत्र और भी बढ़ते जाएंगे। ऐसे में सभी आंबेडकरवादियों को सतर्क रहना चाहिए।

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