ममता बनर्जी की बढ़ीं मुश्किलें, हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन का आरोप; पुलिस ने दर्ज की एफआईआर
ममता बनर्जी और तृणमूल छात्र परिषद के आयोजकों के खिलाफ हेस्टिंग्स थाने में एफआईआर दर्ज हुई है। कार्यक्रम में हाईकोर्ट के आदेश के उल्लंघन, बैरिकेड हटाने और पुलिस से धक्का-मुक्की के आरोप हैं।;
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, कार्यक्रम में शामिल कुछ लोगों ने कथित तौर पर बैरिकेड हटा दिए और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की। इसके अलावा कैथेड्रल रोड पर यातायात प्रभावित होने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि अदालत की ओर से निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी कार्यक्रम जारी रहा।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 61(2), 223, 125(ए), 132 और 285 के तहत FIR दर्ज की है। अब पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। कार्यक्रम से जुड़े वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की भी जांच किए जाने की संभावना है।
ममता ने कार्यकर्ताओं से कहा- राजनीतिक दबाव के आगे न झुकें
28 अगस्त को TMCP के स्थापना दिवस कार्यक्रम में ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से राजनीतिक दबाव के आगे नहीं झुकने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि कार्यकर्ताओं को मजबूत और निडर रहना चाहिए।
ममता बनर्जी ने कहा कि जरूरत पड़े तो कार्यकर्ता जेल जाएं, लेकिन राजनीतिक रूप से आत्मसमर्पण न करें। उन्होंने दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस जल्द सत्ता में वापसी करेगी और राज्य में नया राजनीतिक इतिहास बनाएगी। उन्होंने युवाओं और महिलाओं से भी पार्टी की लड़ाई को आगे बढ़ाने की अपील की।
छात्र संघ चुनाव कराने का ऐलान
इस बीच पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में जल्द छात्र संघ चुनाव कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित छात्र संघ चुनाव जल्द कराए जाएंगे।
अधिकारी ने जादवपुर विश्वविद्यालय के बाहर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) कई संस्थानों में जीत हासिल करेगी। उन्होंने कॉलेज परिसरों में छात्र राजनीति को लेकर भी टिप्पणी की।
छात्र संघ चुनाव को लेकर सियासत तेज
राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र संगठनों के बीच हालिया झड़पों के बाद छात्र संघ चुनाव का मुद्दा फिर चर्चा में है। विपक्षी दल लंबे समय से कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चुनाव कराने की मांग करते रहे हैं।
विधानसभा में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने भी सरकार से तत्काल छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में चुनाव कब कराए जाएंगे।
ममता बनर्जी के कार्यक्रम को लेकर दर्ज FIR और छात्र संघ चुनाव के ऐलान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में सियासी टकराव को और बढ़ा दिया है।