लोकसभा से ध्वनिमत से पास हुआ एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक, हंगामे के बीच मिली मंजूरी; अब राज्यसभा में होगी अगली परीक्षा
लोकसभा ने हंगामे और तीखी बहस के बीच लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित कर दिया। अब एंटी पेपर लीक बिल राज्यसभा में पेश होगा।;
राहुल गांधी के आरोपों पर सदन में बढ़ा विवाद
विधेयक पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों के आंदोलन और उस पर हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जवाब देना चाहिए। उनके बयान के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने तीखा विरोध दर्ज कराया और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया।
सत्तापक्ष ने राहुल गांधी के बयान को निराधार बताते हुए उनसे माफी की मांग की। इस दौरान कई बार सदन की कार्यवाही बाधित हुई और अध्यक्ष को व्यवस्था बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा।
जितेंद्र सिंह ने दिया सरकार का पक्ष
विधेयक पर सरकार की ओर से जवाब देते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया की जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था की स्थिति में गोली चलाने का निर्णय किसी मंत्री द्वारा नहीं, बल्कि सक्षम कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा लिया जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर गोली नहीं चलाई गई थी, बल्कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए केवल आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे। सरकार ने विपक्ष के आरोपों को तथ्यहीन बताते हुए उन्हें राजनीतिक बयानबाजी करार दिया।
सदन के बाहर भी जारी रही बयानबाजी
लोकसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को स्वयं इस पूरे मामले पर स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि गृह मंत्री ने कोई आदेश नहीं दिया था तो उन्हें सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा कि उनके अनुसार केवल दो संभावनाएं हो सकती हैं—या तो गृह मंत्री को कार्रवाई की जानकारी थी या फिर उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि इस विषय पर संसद में जवाबदेही तय होना आवश्यक है।
एंटी पेपर लीक कानून को और सख्त बनाने का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित परीक्षा धोखाधड़ी और अन्य अनुचित गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना है। संशोधित कानून में दोषियों के खिलाफ पहले से अधिक कठोर दंड, आर्थिक जुर्माना और त्वरित न्यायिक प्रक्रिया जैसे प्रावधान शामिल किए गए हैं।
सरकार का दावा है कि यह कानून प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाएगा और लाखों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने में मदद करेगा।
अब राज्यसभा में होगी अगली चर्चा
लोकसभा से पारित होने के बाद अब यह विधेयक राज्यसभा में पेश किया जाएगा। उच्च सदन में चर्चा और पारित होने के बाद ही यह कानून बनने की दिशा में अगला कदम पूरा करेगा। ऐसे में आगामी दिनों में संसद में इस विधेयक को लेकर एक बार फिर राजनीतिक बहस तेज रहने की संभावना है।