जम्मू-कश्मीर: किश्तवाड़ में सेना-आतंकियों के बीच मुठभेड़, 8 जवान घायल, घाटी में ऑपरेशन जारी

जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सेना और जैश-ए-मोहम्मद आतंकियों के बीच मुठभेड़ में 8 जवान घायल हो गए हैं। 'ऑपरेशन त्राशी-1' के तहत सोनार इलाके में सर्च अभियान जारी है, जिसमें ड्रोन और स्निफर डॉग्स का उपयोग किया जा रहा है। आतंकियों ने ग्रेनेड फेंके और भारी गोलीबारी की।

Update: 2026-01-19 04:58 GMT

कश्मीर। जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में रविवार (19 जनवरी) दोपहर को सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। दोपहर में हुई इस मुठभेड़ में 8 जवान घायल हो गए हैं। पूरी घटना किश्तवाड़ के ऊपरी जंगली इलाके सोनार की है. यहां सेना की व्हाइट नाइट कोर का आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन त्राशी-1 अभी भी जारी है। माना जा रहा है कि ये जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी हैं। सेना के अधिकारियों की मानें तो 3 जवानों को इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया गया है।

सेना के अधिकारियों ने बताया कि रविवार को जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के ऊपरी इलाकों में एक दूरदराज के जंगली इलाके में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के आठ सैनिक घायल हो गए। दोनों तरफ से कई घंटों तक भारी गोलीबारी हुई, जिसके बाद गोलियां शांत हो गईं।

किश्तवाड़ में मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बल गाड़ियों की जांच कर रहे हैं। मुठभेड़ के बाद सोनार इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजा गया है। स्निफर डॉग्स की भी मदद ली गई है।

रविवार दोपहर 12 बजे से जारी है ऑपरेशन

सेना की तरफ इस ऑपरेशन की शुरुआत रविवार को हुई थी। जिसे सेना की जम्मू-बेस्ड व्हाइट नाइट कोर ने ‘ऑपरेशन त्राशी-I’ नाम दिया है। इस ऑपरेश्न में जम्मू-कश्मीर पुलिस, सेना, CRPF सर्चिंग में जुटी हुई है. पूरे इलाके पर जमीन के साथ-साथ ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है।

आतंकियों ने सेना पर फेंक दिया था ग्रेनेड

सेना के अधिकारियों की तरफ से इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी भी दी गई है। इसमें उन्होंने बताया कि जवानों ने कुछ आंतकियों को लगभग कैप्चर कर लिया था। हालांकि इसी दौरान उनकी तरफ से ग्रेनेड फेंक दिया गया। यही वजह है कि जवान घायल हो गए हैं। जिन आतंकियों की सेना तलाश कर रही है वह कथित तौर पर पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े बताए जा रहे हैं।

साल की तीसरी मुठभेड़

जम्मू-कश्मीर में इस तरह की ये तीसरी मुठभेड़ है, जो महज 20 दिनों के भीतर हुई है। यानी कि साल 2026 के दौरान 3 बार सेना और आतंकी आमने सामने आ चुके हैं। पहली कठुआ जिले के बिलावर इलाके के कहोग और नजोटे जंगलों में 7 और 13 जनवरी को मुठभेड़ हुई थी। पिछले साल 15 दिसंबर को, उधमपुर जिले के मजालता इलाके के सोन गांव में टेररिस्ट के साथ मुठभेड़ में एक पुलिस ऑफिसर शहीद हो गया था।

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