ईरान की अमेरिका को चेतावनी, कहा- खमेनेई पर हमला हुआ तो युद्ध माना जाएगा
ईरान सरकार ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि वहां कितने लोग मारे गए हैं। लेकिन, शनिवार को देश के सबसे बड़े नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने माना कि इन प्रदर्शनों में ‘हजारों’ लोगों की जान गई है और उन्होंने इसका जिम्मेदार अमेरिका को ठहराया है।
तेहरान। ईरान और अमेरिका में तनाव और बढ़ने के आसार हैं। अब ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने साफ कर दिया है कि सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खमेनेई पर हमला युद्ध माना जाएगा। ईरान की तरफ से प्रतिक्रिया ऐसे समय पर आई है, जब मुल्क में हिंसक प्रदर्शन के दौरान कम से कम 5000 हजार लोग मारे गए हैं। इधर, अमेरिका प्रदर्शनकारियों का समर्थन करने की बात कह रहा है।
पेजेश्कियान ने एक्स पर लिखा, 'अगर ईरान के लोगों को अपने जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तो इसकी वजह अमेरिकी सरकार और उसके सहयोगियों की तरफ से लंबे समय से चली आ रही दुश्मनी और अमानवीय प्रतिबंध हैं। हमारे देश के सुप्रीम लीडर के खिलाफ कोई भी हमाल ईरान के खिलाफ पूर्ण युद्ध के बराबर होगा। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में कहा था 'ईरान में नया नेतृत्व देखने का समय आ गया है।'
ईरान ने अमेरिका पर हमले की योजना को खारिज किया
हाल ही में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिका की उस बात को पूरी तरह गलत बताया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने की प्लानिंग कर रहा है। शनिवार को न्यूज एजेंसी 'इरना' से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका जानबूझकर ऐसे आरोप लगा रहा है ताकि इस इलाके में माहौल खराब हो और तनाव बढ़े।
बगाई ने साफ किया कि ईरान अपनी सुरक्षा के लिए अपनी सेना को मजबूत करता रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई उन पर हमला करने की कोशिश करेगा, तो ईरान उसका करारा जवाब देगा।खास बात यह है कि शनिवार को ही अमेरिका ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में दावा किया था कि उन्हें खबर मिली है कि ईरान उनके ठिकानों पर हमले की तैयारी में है। अमेरिका ने धमकी देते हुए कहा था कि उनके पास सारे रास्ते खुले हैं और अगर उनके किसी भी ठिकाने पर हमला हुआ, तो वे पूरी ताकत के साथ पलटवार करेंगे।
कितने लोगों की मौत
ईरान सरकार ने अब तक यह साफ नहीं किया है कि वहां कितने लोग मारे गए हैं। लेकिन, शनिवार को देश के सबसे बड़े नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने माना कि इन प्रदर्शनों में ‘हजारों’ लोगों की जान गई है और उन्होंने इसका जिम्मेदार अमेरिका को ठहराया है। खराब अर्थव्यवस्था को लेकर 28 दिसंबर को ये प्रदर्शन शुरू हुए थे और यह पहली बार है जब किसी बड़े ईरानी नेता ने मौतों के बारे में खुलकर बात की है। एक मानवाधिकार संस्था के मुताबिक, इस दौरान 24,348 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।
ईरान के अधिकारियों ने अमेरिका और इजरायल पर अशांति फैलाने के आरोप लगाए हैं। उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सैन्य हमले की धमकी दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सरकार ने प्रदर्शनकारियों को कुचलने के लिए जानलेवा ताकत का इस्तेमाल किया, तो अमेरिका सख्त कार्रवाई करेगा।
अमेरिका स्थित एक मानवाधिकार संगठन ने रविवार को दावा किया कि उनके पास पक्की जानकारी है कि ईरान में 3,766 लोग मारे गए हैं। संगठन का कहना है कि ये मौतें पूरे देश में प्रदर्शनों को दबाने के लिए की गई हिंसा के कारण हुई हैं और आशंका है कि मरने वालों की संख्या अभी और बढ़ सकती है।