ईरान युद्ध का भारत पर सीधा असर, सैकड़ों फ्लाइट्स रद्द और नागरिक फंसे
ईरान युद्ध की वजह से हवाई सेवाएं बुरी तरह से बाधित हुई हैं। एयरलाइन्स ने मध्य एशिया के साथ ही यूरोप की भी कई फ्लाइट कैंसल कर दी हैं। अभी इसका असर सोमवार और मंगलवार को भी देखा जाएगा। दिल्ली एयरपोर्ट पर भी अफरा-तफरी का माहौल है।
नई दिल्ली। मध्य एशिया में युद्ध की स्थितियों का बड़ा असर भारत पर भी पड़ रहा है। युद्ध का तत्काल परिणाम अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर देखने को मिल रहा है। रविवार को दिल्ली एयरपोर्ट से सैकड़ों फ्लाइट कैंसल कर दी गईं। ऐसे में एयरपोर्ट पर भारी भीड़ देखी गई। विमान सेवाएं कैंसल होने के बाद लोग वैकल्पिक रास्ते से यात्रा करने के लिए टिकट काउंटर पर खड़े नजर आए। वहीं दुबई में भारत के सैकड़ों लोगों के फंसे होने की खबर है।
पुणे के एक संस्थान के 84 छात्र भी दुबई में फंस गए थे। वे शैक्षिक यात्रा पर दुबई गए थे। वहीं ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक रहते, पढ़ते और काम करते हैं, जबकि इज़राइल में 40,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग 90 लाख है। वर्तमान में पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र लगभग बंद है। रविवार शाम तक यहां से करीब 100 उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। इनमें 62 फ्लाइट आने वाली और 42 रवाना होने वाली थी।
एयरलाइन्स यात्रियों को पहले ही संदेश भेजकर इसकी सूचना दे रही हैं ताकि एयरपोर्ट पर् भीड़ ना लगे और यात्री परेशान ना हों। एयरपोर्ट पर अफरा-तफरी के बीच घरेलू विमान सेवाएं भी बाधित हो रही हैं।
यूरोप की फ्लाइट भी कैंसल
इस युद्ध की वजह से ना केवल खाड़ी देशों की विमान सेवाएं प्रभावित हो रही हैं बल्कि यूरोपीय देशों का जाने वाली कई फ्लाइट भी कैंसल कर दी गई हैं। हालांकि एयर इंडिया ने कहा है कि सोमवार से विमान सेवाएं फिर से शुरू होंगी। उत्तरी अमेरिका और यूरोप की उसकी सिर्फ छह उड़नें रद्द रहेंगी। अन्य उड़ानों का मार्ग बदलकर उन्हें पश्चिम एशिया में वर्तमान में उपलब्ध हवाई क्षेत्र से होकर गुजारा जायेगा। हालांकि संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इजरायल और कतर को जाने वाली और वहां से आने वाली उसकी सभी उड़ानें सोमवार रात 11:59 बजे तक के लिए रद्द कर दी गई हैं।
पोस्ट में बताया गया है कि अमृतसर से बर्मिंघम जाने वाली उड़ान संख्या एआई117, बर्मिंघम से दिल्ली आने वाली उड़ान संख्या एआई114, दिल्ली से जुरिक जाने वाली उड़ान संख्या एआई115 और वापसी की उड़ान संख्या एआई152, दिल्ली से कोपनहेगन जाने वाली उड़ान संख्या एआई157 और वापसी की उड़ान संख्या एआई158 सोमवार को रद्द रहेंगी। इसके अलावा, यूरोप और उत्तरी अमेरिका के लिए अन्य सभी उड़ानों का परिचालन बदले हुए मार्ग से किया जायेगा।
इंडिगो ने रद्द की कई फ्लाइट
एयरलाइंस ने एक अन्य पोस्ट में बताया है कि 28 फरवरी या उससे पहले बुक कराये गये और 05 मार्च तक की यात्रा के सभी टिकट रद्द करने या यात्रा की तिथि में बदलाव के लिए वह कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाएगी। गौरतलब है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई संयुक्त सैन्य कार्रवाई और उसके बाद ईरान द्वारा कई पश्चिमी एशियाई देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर किये गये हमलों से क्षेत्र में स्थिति काफी बिगड़ गयी है। इस कारण वहां जाने वाली सभी और वहां से होकर गुजरने वाली अधिकतर उड़ानों को रद्द करना पड़ा था। विमान सेवा कंपनी इंडिगो ने बताया कि रविवार को उसकी 166 उड़ानें रद्द रहीं। उसने सोमवार को 162 और मंगलवार को 42 उड़ानें रद्द करने की सूचना दी है।
खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रहते हैं 90 लाख भारतीय
फिलहाल, पश्चिम एशिया का हवाई क्षेत्र लगभग बंद है। पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव बढ़ने के कारण उड़ान सेवाएं बाधित होने से सैकड़ों भारतीय दुबई, दोहा और क्षेत्र के अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर फंसे हुए हैं, जिनमें से कई लोग सहायता के लिए भारतीय सरकार से अपील करने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, बैठक में ईरानी अधिकारियों द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने से उत्पन्न स्थिति का भी जायजा लिया गया, जो भारतीय तेल वाहक जहाजों के लिए एक प्रमुख शिपिंग मार्ग है। ईरान में लगभग 10,000 भारतीय नागरिक रहते, पढ़ते और काम करते हैं, जबकि इस्राइल में 40,000 से अधिक भारतीय नागरिक रहते हैं। खाड़ी देशों और पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की संख्या लगभग 90 लाख है।
विदेश मंत्रालय ने विदेशी नागरिकों के लिए जारी की एडवाइजरी
विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया के बिगड़ते हालात के चलते भारत में मौजूद विदेशी नागरिकों के लिए सलाह जारी की है। बयान जारी करते हुए विदेश मंत्रालय ने सभीविदेशी नागरिकों से कहा कि अगर उन्हें वीजा एक्सटेंशन चाहिए या वो भारत में अपने प्रवास को वैध करना चाहते हैं तो वो फ़ॉरेन रिजनल रजिस्ट्रेशन ऑफ़िस यानि FRRO से संपर्क करें । इस संबंध में FRRO इस संबंध में सहायता में मदद करेंगे। दरअसल मौजूदा हालात में एयरस्पेस के प्रतिबंध की वजह से कई एयरलाइंस ने फ्लाइट्स कैंसिल कर दी हैं, जिसकी वजह से कई विदेशी नागरिक यहां फंस गए हैं।
क्यों मुश्किल है मौजूदा वक्त में इवैक्युएशन
जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया के तमाम देशों में बड़ी तादाद में भारतीय रह रहे हैं । इतनी बड़ी तादाद में लोगों को निकालना ना तो संभव है और ना व्यवहारिक, जब तक स्थिति नियंत्रण से बाहर ना हो जाए । हालांकि इज़रायल और ईरान के हालात देखते हुए, वहां से लोगों को सुरक्षित निकालने की ज़रूरत आन पड़ी है। लेकिन फिलहाल वो भी संभव नहीं। जब तक एयर स्पेस साफ नहीं होगा, तब तक एयरलिफ्ट करने का सोचा भी नहीं जा सकता।वहीं चाबहार पोर्ट के जरिए निकासी इसलिए संभव नहीं क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होरमूज़ से निकलने वाले जहाज़ों की मूवमेंट निशाने पर है। इसलिए फिलहाल हालात थोड़े बेहतर होना का इंतज़ार करना पड़ेगा।