नई दिल्ली : West Asia Crisis: ईरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में बिगड़े हालात का सीधा असर हवाई सेवाओं पर पड़ा है। क्षेत्र के कई हिस्सों में उड़ानें बाधित होने से सैकड़ों भारतीय दुबई और अन्य प्रमुख हवाई अड्डों पर फंस गए हैं। इनमें खेल, सिनेमा और राजनीति से जुड़े चर्चित नामों के साथ-साथ पर्यटक, छात्र और कारोबारी भी शामिल हैं। कई लोग सहायता के लिए इंटरनेट मीडिया के माध्यम से भारत सरकार से अपील कर रहे हैं।
पीवी सिंधु, सोनल चौहान और अन्य हस्तियां भी प्रभावित
दुबई में फंसे लोगों में दो बार की ओलिंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु और उनके कोच भी शामिल हैं। सिंधु आल इंग्लैंड चैंपियनशिप के लिए बर्मिंघम जा रही थीं, तभी दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हवाई सेवाएं निलंबित कर दी गईं। इस दौरान उनके ठहरने की जगह के पास एक विस्फोट की घटना भी हुई, जिसमें उनके कोच इंडोनेशियाई कोच इरवानस्याह आदि प्रतामा बाल-बाल बच गए। सिंधु ने रविवार सुबह इंटरनेट मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की।
अभिनेत्री सोनल चौहान भी दुबई में फंसी हुई हैं। वहीं, बंगाली अभिनेत्री सुभाश्री गांगुली अपने बेटे युवान के साथ दुबई में रुकी हुई हैं। उनके पति, फिल्म निर्देशक-निर्माता और तृणमूल कांग्रेस विधायक राज चक्रवर्ती ने बताया कि अभिनेत्री और उनका बेटा पाम जुमेराह के एक होटल में ठहरे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके होटल के पास एक विस्फोट हुआ था, जिससे चिंता बढ़ गई।
पीवी सिंधू ने भयावह अनुभव साझा किए
पीवी सिंधू ने रविवार को दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पास हुए विस्फोट के बाद अपने भयावह अनुभव साझा किए। सिंधू तीन मार्च से शुरू हो रहे आल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट के लिए जाते समय शनिवार को दुबई हवाईअड्डे पर फंस गईं। सिंधू ने बताया, दुबई में हमारी फ्लाइट के उतरते के कुछ ही देर बाद हवाई क्षेत्र बंद कर दिया गया। पिछले कुछ घंटे बेहद तनावपूर्ण रहे हैं। दुबई हवाईअड्डे पर जहां हम छिपे थे उसके बहुत करीब विस्फोट हुआ। जब यह घटना हुई तब मेरे कोच घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर थे। इतनी नजदीक से इस तरह की घटना का अनुभव करना भयावह है। सिंधू ने कहा कि उन्हें और उनके सहायक कर्मचारियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है। उनके कोच इरवांस्याह आदि प्रतामा ने भी बताया कि वह बाल बाल बचे हैं। इस बीच, बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) ने कहा कि वह बैडमिंटन इंग्लैंड और राष्ट्रीय संघों के समन्वय से यात्रा संबंधी चुनौतियों पर बारीकी से नजर रख रहा है।
सोनल चौहान और ईशा गुप्ता ने जानकारी
अभिनेत्री सोनल चौहान ने दुबई में फंस जाने के बाद इंटरनेट मीडिया पोस्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से अपील की थी। उन्होंने लिखा था, पीएम नरेन्द्र मोदी जी, मैं दुबई में फंसी हूं। किसी भी सहायता के लिए आभारी रहूंगी। इस बीच अभिनेत्री ईशा गुप्ता ने प्रशंसकों को आश्वस्त किया कि वह दुबई में सुरक्षित हैं। ईशा ने रविवार को इंस्टाग्राम पर नोट साझा किया, हम सुरक्षित हैं! समय डरावने हैं, बहुत कठिन। भगवान हमें सुरक्षित रखने के लिए हैं। आशा है जल्द घर लौटूंगी।
जनप्रतिनिधि और पूर्व विधायक भी फंसे
कर्नाटक से जनता दल (सेक्युलर) के विधान परिषद सदस्य एसएल भोजेगौड़ा और उनका परिवार भी दुबई में फंसे हुए हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्दरमैया ने कहा कि राज्य सरकार विदेश मंत्रालय के संपर्क में है और कन्नड़ भाषी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बल्लारी से लगभग 35 लोग फंसे हुए हैं और अन्य राज्यों के लोगों को मिलाकर यह संख्या 52 तक पहुंचती है।
ट्रैवल एजेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया की मध्य प्रदेश इकाई के अध्यक्ष अमोल कटारिया ने बताया कि मध्य प्रदेश के दो पूर्व विधायकों सहित 700 से अधिक लोग संयुक्त अरब अमीरात में फंसे हैं। इनमें पूर्व विधायक और भाजपा नेता संजय शुक्ला भी शामिल हैं। शुक्ला ने इंटरनेट मीडिया पर लिखा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दुबई हवाई अड्डा अस्थायी रूप से बंद होने से उनकी वापसी संभव नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि दुबई प्रशासन और भारत सरकार से पूरा सहयोग मिल रहा है और हालात सामान्य होते ही वे इंदौर लौटेंगे। इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने भी पुष्टि की कि शहर के कई लोग यूएई में फंसे हैं और इस संबंध में विदेश मंत्रालय को सूचित कर दिया गया है।
छात्रों और पर्यटकों की बढ़ी चिंता
पुणे स्थित इंदिरा स्कूल ऑफ बिजनेस स्टडीज (आईएसबीएस) के 84 एमबीए छात्र भी दुबई में फंसे हुए हैं। संस्थान के डीन जनार्दन पवार ने बताया कि छात्र एक शैक्षणिक दौरे पर गए थे, लेकिन हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण वापस नहीं लौट पाए। छात्रों को सुरक्षित स्थान पर एक होटल में ठहराया गया है और वे फिलहाल सुरक्षित हैं। पंजाब के बठिंडा स्थित एसएसडी गर्ल्स कॉलेज की प्राचार्य नीरू गर्ग ने बताया कि वे अपने परिवार के साथ शारजाह में हैं। उनके पास नकदी और आवश्यक दवाओं की कमी हो गई है, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
केंद्र और राज्य सरकारें सक्रिय
केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि वर्तमान में क्षेत्र की स्थिति अशांत है और ऐसे हालात में उड़ान संचालन भी जोखिमपूर्ण हो सकता है। कर्नाटक सरकार ने भी अपने नागरिकों की वापसी के लिए केंद्र से समन्वय शुरू कर दिया है। विभिन्न राज्यों के जनप्रतिनिधि विदेश मंत्रालय से संपर्क में हैं ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द राहत मिल सके।
दुबई हवाई अड्डे पर अस्थायी बंदी का असर
मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दुबई हवाई अड्डे पर अस्थायी बंदी या उड़ानों के निलंबन से सैकड़ों यात्रियों की वापसी टल गई। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें आखिरी समय में उड़ान रद्द होने की सूचना मिली। होटल और आवास की व्यवस्था तो की जा रही है, लेकिन अनिश्चितता के कारण चिंता बनी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर केवल स्थानीय उड़ानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट हब के रूप में दुबई की भूमिका के कारण वैश्विक यात्रा कार्यक्रम भी प्रभावित हो सकते हैं।
विदेश मंत्रालय की एडवाइजरी
इसी बीच, विदेश मंत्रालय ने पश्चिम एशिया की स्थिति को देखते हुए भारत में फंसे विदेशी नागरिकों के लिए भी एक सलाह जारी की है। मंत्रालय ने कहा है कि यदि किसी विदेशी नागरिक को वीजा विस्तार या अपने प्रवास को नियमित करने में सहायता की आवश्यकता हो तो वे अपने निकटतम विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) से संपर्क करें। सरकार की प्राथमिकता फिलहाल यह सुनिश्चित करना है कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिक सुरक्षित रहें और जैसे ही हवाई सेवाएं सामान्य हों, उनकी वापसी सुचारु रूप से कराई जा सके।
अनिश्चितता के बीच उम्मीद
दुबई और अन्य खाड़ी शहरों में फंसे भारतीयों के लिए स्थिति फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है। हालांकि स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावासों की ओर से सहायता की कोशिशें जारी हैं। फंसे हुए लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि हालात जल्द सामान्य होंगे और वे सुरक्षित अपने घर लौट सकेंगे। पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने एक बार फिर यह दिखाया है कि वैश्विक संघर्षों का असर आम यात्रियों और प्रवासी समुदाय पर किस तरह सीधे तौर पर पड़ता है। फिलहाल सभी की नजरें क्षेत्रीय हालात के स्थिर होने और उड़ान सेवाओं के बहाल होने पर टिकी हैं।