कर्नाटक कांग्रेस में स्टिंग ऑपरेशन से बढ़ी हलचल, सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच फिर बढ़ा तनाव

कर्नाटक में सिद्धारमैया से जुड़े कथित स्टिंग वीडियो पर विवाद तेज। यतींद्र ने इसे फर्जी बताया, जबकि सिद्धारमैया ने निष्पक्ष जांच की मांग की। जानें डीके शिवकुमार और एचडी कुमारस्वामी की भूमिका से जुड़ा पूरा मामला।;

Update: 2026-10-25 05:47 GMT
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजनीति में कथित स्टिंग ऑपरेशन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया से जुड़े एक कथित स्टिंग वीडियो ने कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र ने वीडियो को फर्जी बताते हुए आरोप लगाया है कि उनके पिता की छवि खराब करने के लिए इसे सुनियोजित तरीके से तैयार किया गया। इस विवाद के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच राजनीतिक खींचतान की चर्चाएं भी तेज हो गई हैं।

यतींद्र ने शुक्रवार को दावा किया कि वर्ष 2023 में 'पावर टीवी' के प्रबंध निदेशक राकेश शेट्टी द्वारा तैयार किए गए कथित स्टिंग वीडियो के पीछे कुछ कांग्रेस नेताओं की भूमिका हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के कुछ लोग शेट्टी के संपर्क में थे। यतींद्र ने एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता का भी जिक्र किया, जो कथित तौर पर 2023 के विधानसभा चुनाव में पुत्तूर सीट से टिकट चाहती थी।

पिता की छवि खराब करने की साजिश का आरोप

यतींद्र के मुताबिक, इस पूरे घटनाक्रम से उनके पिता काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ने लगभग चार दशक के सार्वजनिक जीवन में अपनी छवि बनाए रखी है और राजनीतिक करियर के इस पड़ाव पर ऐसे आरोपों से उन्हें दुख पहुंचा है। हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि जांच के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।

शिवकुमार के करीबी माने जाने वाले राकेश शेट्टी को बेंगलुरु की एक स्थानीय अदालत से अंतरिम जमानत मिलने के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। वहीं, 13 अक्टूबर को अदालत ने सिद्धारमैया की याचिका पर कथित फर्जी स्टिंग वीडियो के प्रसारण और प्रकाशन पर अंतरिम रोक लगा दी थी।

कुमारस्वामी ने शिवकुमार पर साधा निशाना

विपक्षी भाजपा और जनता दल सेक्युलर (जेडीएस) ने भी इस विवाद को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दावा किया कि सिद्धारमैया को मुख्यमंत्री पद से हटाने के लिए सुनियोजित साजिश रची गई थी। उन्होंने इस घटनाक्रम के लिए कांग्रेस के कुछ नेताओं को जिम्मेदार ठहराने के साथ डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधा और उन्हें 'स्टिंग किंग' करार दिया।

कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया से पूरे मामले पर खुलकर बोलने की अपील की, ताकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाली चर्चाओं पर विराम लग सके।

सिद्धारमैया ने की निष्पक्ष जांच की मांग

सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें किसी के समर्थन की आवश्यकता नहीं है। उनकी प्राथमिकता सच्चाई सामने लाना है। उन्होंने जांच प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि कथित साजिश के पीछे कौन है।

6 अक्टूबर को सिद्धारमैया ने बेंगलुरु साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि 27 सितंबर 2026 को अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर दुर्भावनापूर्ण आरोपों वाला वीडियो यूट्यूब पर प्रकाशित कर फैलाया, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा।

कुमारस्वामी ने दावा किया कि शिकायत के बाद जेडीएस की सोशल मीडिया इकाई से जुड़े दो कर्मचारियों से भी पुलिस ने पूछताछ शुरू की। हालांकि, इस मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल, यह विवाद कर्नाटक कांग्रेस के भीतर बढ़ती राजनीतिक खींचतान और विपक्ष के हमलों के बीच महत्वपूर्ण मुद्दा बना हुआ है।

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