दिल्ली विधानसभा में कुत्तों के मुद्दे पर हंगामा, बीजेपी की मांग- केजरीवाल माफी मांगें
भाजपा नेताओं ने दिल्ली विधानसभा के अंदर अरविंद केजरीवाल माफी मांगो के नारे लगाए जिससे विधानसभा के अंदर माहौल गरमा गया। शिक्षा मंत्री आशीष सूद समेत तमाम विधायकों का कहना है कि केजरीवाल और उनकी पार्टी ने कुत्तों की गिनती के लिए सरकारी टीचरों की नियुक्ति को लेकर झूठ फैलाया।
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा सत्र का दूसरा दिन हंगामे के साथ शुरू हुआ। हंगामा इतना बढ़ गया कि स्पीकर को लंच तक के लिए सदन को स्थगित करना पड़ा है। बीजेपी नेताओं ने सदन के अंदर अरविंद केजरीवाल माफी मांगो के नारे लगाए जिससे विधानसभा के अंदर माहौल गरमा गया।
शिक्षा मंत्री आशीष सूद समेत तमाम विधायकों का कहना है कि केजरीवाल और उनकी पार्टी ने कुत्तों की गिनती के लिए सरकारी टीचरों की नियुक्ति को लेकर झूठ फैलाया और ऐसा कोई सर्कुलर जारी नहीं हुआ है।
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने दिल्ली विधानसभा शुरू होने से पहले ही कुत्तों की गिनती के लिए सरकारी टीचरों वाले मामले पर बात की थी। आशीष सूद कल अरविंद केजरीवाल को पत्र भी लिखा था। विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू होते ही भाजपा विधायक मुखर हो गए। सब सदन के बाहर बैनर लिए नारेबाजी जारी है। कुत्ते के मामले को लेकर झूठ फैलाने के लिए उनसे माफी मांगने को कहा जा रहा है। विधानसभा में केजरीवाल से माफी को लेकर लगातार चल रहे हंगामे की वजह से लंच तक सत्र को स्थगित कर दिया गया है।
भाजपा विधायक हरीश खुराना ने कहा कि केजरीवाल और आप (AAP) गैंग ने झूठ बोला। उन्होंने दावा किया कि हमने कुत्तों से संबंधित कोई आदेश पारित किया था। उन्हें शर्म आनी चाहिए। आज हमने विधानसभा में मांग की कि वे इसके लिए माफी मांगें। हमारी मांग है कि वे दिल्ली से, शिक्षकों से और पूरे देश से माफी मांगें।
आशीष सूद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष को मैंने सर्कुलर पढ़कर बताया था। मैंने कहा था कि इस सर्कुलर में अगर कहीं भी शिक्षक के लिए कुत्तों की गिनती के बारे में लिखा हो तो मैं माफी मागूंगा। वह कोई साक्ष्य नहीं दिखा पाए।
उन्होंने इस मुद्दे को उठाना बंद कर दिया है, लेकिन सोशल मीडिया पर सरकार को बदनाम किया जा रहा है इसलिए मैंने उनसे कहा है कि लोगों के बीच इस विषय को लेकर भ्रम न फैलाएं। एक पार्टी के राष्ट्रीय मुखिया झूठ बोल रहे हैं। अब कहा जा रहा है कि सरकार प्रदूषण पर चर्चा करने से बच रही है। जबकि विधानसभा सत्र में इस पर चर्चा होनी है। अरविंद केजरीवाल इस मुद्दे पर दिल्ली सरकार एवं लोगों से माफी मांग लें।