ईरान के स्कूल पर अमेरिकी हमले के बाद मदद को आगे आया चीन, किया बड़ा ऐलान

चीन की ओर से यह मानवीय सहायता उस समय दी जा रही है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और स्कूलों जैसे संवेदनशील ठिकानों पर हुए हमलों ने वैश्विक समुदाय को चिंतित कर दिया है। चीन की यह पहल ईरान के प्रति उसके कूटनीतिक और मानवीय समर्थन को दर्शाती है।

Update: 2026-03-13 11:22 GMT

बीजिंग। ईरान में एक प्राथमिक विद्यालय पर हुए हालिया अमेरिकी हमले में छात्रों की मौत पर चीन ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दो लाख अमेरिकी डॉलर की मदद देने की घोषणा की है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने शुक्रवार को बीजिंग में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी।

जियाकुन ने बताया कि चीन ने इस दुखद घड़ी में प्रभावित परिवारों के प्रति सहानुभूति जताते हुए वित्तीय मदद का फैसला लिया है। उन्होंने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि'रेड क्रॉस सोसाइटी ऑफ चाइना' ने ईरानी रेड क्रीसेंट सोसाइटी को दो लाख अमेरिकी डॉलर की आपातकालीन मानवीय सहायता प्रदान करने का फैसला किया है।

उन्होंने कहा, चीन ईरान के स्कूल पर हुए हमले में निर्दोष छात्रों की मौत पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है और उनके परिवारों के प्रति अपनी ईमानदार सहानुभूति प्रकट करता है। चीन की ओर से यह मानवीय सहायता उस समय दी जा रही है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और स्कूलों जैसे संवेदनशील ठिकानों पर हुए हमलों ने वैश्विक समुदाय को चिंतित कर दिया है। चीन की यह पहल ईरान के प्रति उसके कूटनीतिक और मानवीय समर्थन को दर्शाती है।

शांति बहाल करने पर काम जारी रखेंगे: चीन

वहीं, चीन ने खाड़ी देशों पर हमलों का विरोध करते हुए क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति बहाल करने के लिए रचनात्मक भूमिका निभाने की बात कही है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने बुधवार को कहा कि चीन खाड़ी देशों पर हमलों का समर्थन नहीं करता है और नागरिकों तथा गैर-सैन्य लक्ष्यों पर होने वाले अंधाधुंध हमलों की निंदा करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में सबसे बड़ी प्राथमिकता शत्रुता और संघर्ष को और फैलने से रोकना है। चीन संबंधित पक्षों के साथ सहयोग बढ़ाकर क्षेत्र में तनाव कम करने और शांति स्थापित करने के प्रयास जारी रखेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग में भी तनाव

गौरतलब है कि क्षेत्र में तनाव 28 फरवरी को उस समय बढ़ गया था जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों, जिनमें तेहरान भी शामिल है, पर हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने इज़रायल और पश्चिम एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग में भी तनाव बना हुआ है। दुबई से लगभग 50 समुद्री मील उत्तर-पश्चिम में बुधवार को एक मालवाहक जहाज पर प्रक्षेपास्त्र से हमला किया गया, जिससे वह इस क्षेत्र में हाल के दिनों में निशाना बनाए गए तीसरे जहाज के रूप में सामने आया। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) के अनुसार जहाज के चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं और किसी पर्यावरणीय क्षति की सूचना नहीं है।

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