बंगाल की खाड़ी में एक हफ्ते में दूसरा चक्रवाती तूफान, मुरासु से 10 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात मुरासु बंगाल की खाड़ी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। IMD ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश और 120 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं की चेतावनी दी है।;

Update: 2026-11-02 06:37 GMT

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर दूसरा चक्रवाती तूफान सक्रिय होने से तटीय राज्यों की चिंता बढ़ गई है। चक्रवात 'मुरासु' तेजी से आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 नवंबर को आंध्र प्रदेश और ओडिशा समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। तूफान के तट से टकराने के दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इनकी गति बढ़कर 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

दक्षिण भारत में जहां चक्रवात के कारण मौसम बिगड़ने वाला है, वहीं उत्तर भारत में ठंड और प्रदूषण का असर बढ़ रहा है। दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। सोमवार सुबह दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 350 के पार दर्ज किया गया। नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में भी प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा मुरासु

मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान मुरासु गंभीर रूप ले चुका है। 2 नवंबर की सुबह 5:30 बजे यह पश्चिम-मध्य और दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद था। यह चेन्नई और नेल्लोर के पूर्वी समुद्री क्षेत्र से आगे बढ़ रहा था। पिछले छह घंटों में इसकी गति लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटे रही।

पूर्वानुमान के मुताबिक, 2 नवंबर की आधी रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच तूफान नेल्लोर और नरसापुर के बीच ओंगोल के आसपास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाएं चलने की आशंका है।

10 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

चक्रवात मुरासु के प्रभाव से आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल और महाराष्ट्र में भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम प्रभावित होने की संभावना है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में सबसे ज्यादा बारिश का अनुमान जताया गया है।

संभावित खतरे को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन ने लोगों को समुद्र के किनारे जाने से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी है।

यूपी समेत उत्तर भारत में बढ़ेगी ठंड

उत्तर प्रदेश में पूर्वी हिस्सों में सुबह और शाम के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है, जबकि पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में धुंध का असर दिखाई दे रहा है। लखनऊ, अयोध्या, कानपुर, इटावा, मेरठ, उन्नाव और गौतमबुद्ध नगर समेत कई क्षेत्रों में मौसम बदलने के संकेत हैं। अगले कुछ दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है।

मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब और बिहार में भी सुबह-शाम ठंड बढ़ने लगी है। वहीं उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बारिश के साथ बर्फबारी की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में भी मौसम बदलने के आसार हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिनों के दौरान तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

मुरासु के संभावित असर को देखते हुए तटीय राज्यों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान कमजोर ढांचों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी गई है। प्रशासन और राहत एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।

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