'पाकिस्तान से सीधे संवाद जरूरी': मणिशंकर अय्यर बोले- हिंदू राष्ट्र सोच भारत के लिए खतरा, बंट सकते हैं 43 राज्य
पूर्व केंद्रीय मंत्री मणि शंकर अय्यर ने पाकिस्तान से संवाद की जरूरत और हिंदू राष्ट्र विचार के खतरों पर चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि बिना बातचीत और असहिष्णु सोच के भारत बंट सकता है।
नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर ने पाकिस्तान के साथ संवाद की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय और पाकिस्तानी आम नागरिकों के बीच बातचीत सबसे आसान है। उनका कहना है कि भाषा, मानसिकता और संस्कृति लगभग समान हैं। हम एक-दूसरे को पूरी तरह समझ सकते हैं। उनके कबाब शायद हमारे से बेहतर हों, लेकिन हम दोस्ताना प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं 'नहीं, हमारे कबाब तुम्हारे से बेहतर हैं!'
अय्यर ने भारत की विदेश नीति पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा हम अचानक अमेरिका के प्रति इतने घनिष्ठ और इस्राइल के साथ इतने करीब क्यों हो गए? हम रूस पर इतनी निर्भरता क्यों रखते हैं? अगर विभाजन की त्रासदी नहीं हुई होती, तो उस देश के नागरिक हमारे देश के नागरिक होते। फिर भी हम उनके खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक की बात करते हैं। अगर वास्तव में साहस है, तो आमने-सामने बैठकर बात करें। हमारी सरकार इस निरंतर संवाद का साहस क्यों नहीं दिखा रही? उन्होंने कहा कि संवाद आवश्यक है क्योंकि इस प्रक्रिया में दोनों पक्ष अपनी शिकायतें रखेंगे और गलतियों को समझेंगे। उन्होंने इसे लंबी प्रक्रिया बताया जो महीनों तक चल सकती है और इतिहास के हर पहलू से जुड़ी होगी।
हिंदू राष्ट्र विचार पर चेतावनी
मणि शंकर अय्यर ने देश में हिंदू राष्ट्र के विचार को लेकर भी आगाह किया। उन्होंने कहा इस विशाल उपमहाद्वीप में हिंदुओं की संख्या ज्यादा है, लेकिन मुसलमान सबसे बड़ा अल्पसंख्यक हैं करीब 20 करोड़। इसके अलावा 5 करोड़ अन्य धर्मों के अनुयायी हैं। यदि हम भारत की राष्ट्रीय पहचान हिंदू राष्ट्र के आधार पर बनाएंगे और मुसलमानों को हमारा शत्रु मानेंगे, तो भारत जीवित नहीं रह पाएगा। हम कम से कम 43 अलग-अलग राज्यों में बंट जाएंगे।
राम मंदिर पर बोले
राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर भी अय्यर ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का कोई मजहब नहीं होना चाहिए और प्रधानमंत्री द्वारा राम मंदिर का उद्घाटन करना इस सिद्धांत के खिलाफ है। अय्यर ने कहा कि देश में मुसलमानों की आबादी करीब 14 प्रतिशत है और उनके प्रति सहानुभूति दिखाने को तुष्टीकरण कहा जाता है, जो गलत है। उन्होंने हिंदुत्व की राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति में दक्षिण भारत का योगदान बड़ा है, जबकि उत्तर भारत में बढ़ते मतभेद देश के लिए बड़ी चुनौती हैं।