'आधी आबादी' के हक की लड़ाई में सड़क पर उतरे सीएम योगी, लखनऊ से जन आक्रोश महिला पदयात्रा की शुरुआत

Lucknow Jan Akrosh Mahila Padyatra: लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया।;

Update: 2026-04-21 07:41 GMT

लखनऊ। महिला आरक्षण के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा मोड़ आता दिख रहा है, जहां 'आधी आबादी' के अधिकार को लेकर सियासी और सामाजिक दोनों स्तर पर माहौल बनाया जा रहा है। राजधानी लखनऊ से शुरू हुए इस अभियान में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद नेतृत्व संभालते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि महिला सशक्तीकरण अब सरकार और संगठन के एजेंडे के केंद्र में है। इस पहल के जरिए न सिर्फ महिलाओं को जोड़ने की रणनीति है, बल्कि विपक्ष के रुख को जनता के बीच मुद्दा बनाकर पेश करने की भी तैयारी है।

‘जन आक्रोश महिला पदयात्रा’

राजधानी लखनऊ में 'जन आक्रोश महिला पदयात्रा' का आयोजन किया गया, जिसकी अगुवाई मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की। सीएम आवास से शुरू होकर विधानसभा तक करीब दो किलोमीटर लंबी इस पदयात्रा में लगभग 15 हजार महिलाएं शामिल हुईं। मुख्यमंत्री के साथ दोनों डिप्टी सीएम, कैबिनेट मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता भी पैदल चले। भीषण गर्मी के बावजूद महिलाओं का उत्साह देखने लायक रहा।

‘आधी आबादी का अधिकार’ बनाकर पेश होगा महिला आरक्षण

सरकार और संगठन ने तय किया है कि महिला आरक्षण को ‘आधी आबादी का अधिकार’ के रूप में जनता के बीच स्थापित किया जाएगा। इसके तहत ब्लॉक, मंडल और जिला स्तर तक कार्यक्रमों की श्रृंखला चलाई जाएगी। महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों और सामाजिक संगठनों को जोड़कर इस अभियान को जनांदोलन का रूप देने की योजना है, ताकि गांव से शहर तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।

विपक्ष पर सीधा प्रहार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि जिन दलों ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विरोध या टालमटोल किया, वे महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को रैलियों, जनसभाओं और घर-घर संपर्क अभियान के जरिए जनता के बीच ले जाया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि देश में चार प्रमुख वर्ग महिलाएं, गरीब, युवा और किसान सरकार की प्राथमिकता में हैं और इन सभी के सशक्तीकरण के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन केवल लखनऊ तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बूथ, मंडल, ब्लॉक और जिला स्तर तक इसे विस्तार दिया जाएगा। इसके जरिए महिला मतदाताओं को जोड़ने और उनके मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की दिशा में काम किया जाएगा

15 हजार से ज्यादा महिलाएं शामिल

तेज धूप और गर्मी के बावजूद इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। रैली के दौरान जगह-जगह प्याऊ और एंबुलेंस की व्यवस्था की गई थी। महिलाओं ने नारेबाजी करते हुए महिला सम्मान और अधिकारों के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की।

इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य समेत कई नेताओं ने विपक्ष की नीतियों की आलोचना करते हुए महिला आरक्षण के समर्थन में अपने विचार रखे।

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