पंजाब में ड्रग्स वाली तबाही पर सीजेआई सूर्यकांत ने भी जताई चिंता; बोले- केंद्र का दखल जरूरी
चीफ जस्टिस ने ड्रग्स के खेल में बड़े माफियाओं और प्रभावशाली लोगों पर भी नकेल कसने की वकालत की। उन्होंने दो टूक कहा कि ड्रग्स रैकेट में शामिल बड़े मगरमच्छों या प्रभावशाली लोगों को गिरफ़्तार किया जाना चाहिए।;
नई दिल्ली। प्रधान न्यायाधीश (सीजेआई) जस्टिस सूर्यकांत ने पंजाब में ड्रग्स की बढ़ती समस्या पर गंभीर चिंता जताई है और राज्य में केंद्र की दखल की जरूरत बताई है। हालांकि ऐसे कदम उठाने से पहले सीजेआई ने केंद्र सरकार को भी ताकीद किया है कि वह यह न समझे कि वह दखलंदाजी कर रहा है बल्कि हम सबका साझा लक्ष्य नशे की समस्या पर लगाम लगाना होना चाहिए।
शुक्रवार को इससे जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी की, शायद केंद्र सरकार के दखल की जरूरत पड़ सकती है लेकिन जब वे दखल दें, तो ऐसा न सोचें कि केंद्र दखलंदाजी कर रहा है। हमारा साझा लक्ष्य नशे की समस्या पर लगाम लगाना होना चाहिए। सीजेआई की यह चिंता और केंद्र को यह नसीहत इसलिए भी अहम है क्योंकि अगले साल पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं।
सीजाआई ने आगे कहा, देखिए हम क्या पढ़ रहे हैं। एक माँ रो रही है। उसने नशे की वजह से अपना पांचवां बेटा खो दिया है। उसने नशे की लत के कारण अपने सभी बच्चे खो दिए। पुलिस को संवेदनशील बनाने की जरूरत है। हम जानते हैं कि किसे गिरफ़्तार किया जा रहा है और किसे छोड़ा जा रहा है। ड्रग्स के मामलों में बढ़ोतरी इतनी चिंताजनक है कि स्थिति पर फिर से विचार करने की जरूरत है। उन्होंने कहा, “मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि सभी हाई कोर्ट को एनडीपीएस कोर्ट बनाने में मदद दी जाए।”
बड़े मगरमच्छों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए
इसके साथ ही चीफ जस्टिस ने ड्रग्स के खेल में बड़े माफियाओं और प्रभावशाली लोगों पर भी नकेल कसने की वकालत की। उन्होंने दो टूक कहा, ड्रग्स रैकेट में शामिल बड़े मगरमच्छों या प्रभावशाली लोगों को गिरफ़्तार किया जाना चाहिए। समस्या यह है कि आप किसी छोटे-मोटे आदमी को पकड़ लेते हैं और पुलिस को अखबारों में पब्लिसिटी मिल जाती है। उन्होंने कहा कि लुधियाना अब ड्रग्स का केंद्र बनता जा रहा है।
पहले भी पंजाब में नशे की समस्या पर जता चुके चिंता
बता दें कि CJI सूर्यकांत पहले भी पंजाब में नशे की बढ़ती समस्या पर गहरी चिंता जता चुके हैं। पिछले साल 6 दिसंबर 2025 को जब पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा Youth Against Drugs (नशे के खिलाफ युवा) अभियान शुरू किया गया था तब इसका उद्घाटन करते हुए उन्होंने पंजाब में नशे की समस्या को एक गंभीर खतरा बताया था। उन्होंने इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए ही जूडिशरी को नशीले पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने का निर्देश दिया था। अब उन्होंने सभी हाई कोर्ट को NDPS कोर्ट बनाने में मदद का आश्वासन दिया है।