बिहार में यूसीसी पर जेडीयू का बड़ा बयान, श्याम रजक बोले- किसी कीमत पर लागू नहीं होने देंगे

अमित शाह के 2029 से पहले भाजपा-एनडीए शासित राज्यों में यूसीसी लागू करने के बयान पर जेडीयू विधायक श्याम रजक ने बिहार को लेकर बड़ा बयान दिया है।;

Update: 2026-09-14 11:47 GMT
पटना। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बिहार में भाजपा और जनता दल (यू) के बीच मतभेद के संकेत सामने आए हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाजपा और भाजपा नेतृत्व वाली NDA सरकारों वाले 21 राज्यों में 2029 से पहले यूसीसी लागू करने के बयान के बाद जेडीयू के वरिष्ठ विधायक श्याम रजक ने बिहार को लेकर पार्टी का रुख स्पष्ट किया है।

श्याम रजक ने कहा कि संसद में यूसीसी से जुड़े विधेयक का जेडीयू ने समर्थन जरूर किया था, लेकिन उसी समय यह भी स्पष्ट कर दिया गया था कि इसे बिहार में लागू नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पार्टी आज भी अपने पुराने रुख पर कायम है।

‘बिहार में लागू होने का सवाल ही नहीं’

श्याम रजक ने कहा कि जब संसद में विधेयक पारित हो रहा था, तभी जेडीयू नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया था कि पार्टी इसका समर्थन करेगी, लेकिन बिहार में इसे लागू नहीं होने देगी। उनके मुताबिक यह फैसला पार्टी के पहले से तय रुख के अनुरूप है।

उन्होंने बिहार की एनडीए सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में भाजपा, जेडीयू, एलजेपी (रामविलास) और आरएलएम समेत गठबंधन के कई घटक शामिल हैं। इसलिए इसे केवल भाजपा की सरकार के तौर पर नहीं देखा जा सकता। श्याम रजक ने दोहराया कि बिहार में किसी भी सूरत में यूसीसी लागू करने का सवाल नहीं उठता।

अमित शाह ने 2029 से पहले लागू करने की कही थी बात

अमित शाह ने रविवार को मुंबई में कहा था कि भाजपा और भाजपा के नेतृत्व वाली NDA सरकारें 2029 से पहले 21 राज्यों में UCC लागू करेंगी। उन्होंने केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियों और भाजपा के राजनीतिक सफर का जिक्र करते हुए तीन तलाक और भारतीय न्याय संहिता जैसे कानूनों को भी सरकार के बड़े फैसलों में शामिल किया।

गृह मंत्री ने दावा किया कि भारतीय न्याय संहिता लागू होने के बाद आपराधिक न्याय व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि कई राज्यों में एक साल के भीतर सजा की दर में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है। सरकार ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रही है, जिससे पीड़ितों को तीन साल के भीतर न्याय मिल सके।

17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’

अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और गुजरात व केंद्र में मोदी सरकार के 25 साल पूरे होने के अवसर पर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने की घोषणा भी की है।

क्या है यूसीसी?

समान नागरिक संहिता का मतलब देश में नागरिकों के लिए व्यक्तिगत मामलों से जुड़े समान कानून से है। इसके दायरे में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, संपत्ति का बंटवारा, गोद लेना, भरण-पोषण और वसीयत जैसे विषय शामिल हो सकते हैं। वर्तमान में इन मामलों में अलग-अलग धार्मिक समुदायों के व्यक्तिगत कानून लागू होते हैं।

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