भूटान में ग्लेशियर झील फटने से मची तबाही: भारत में बढ़ा खतरा, पश्चिम बंगाल और असम में अलर्ट जारी
भूटान की शिंताफू झील में ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के बाद पश्चिम बंगाल और असम के जिलों में हाई अलर्ट। संकोश और ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ाई गई।;
नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिमी भूटान के गासा जिले में स्थित शिंताफू झील में अचानक 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF) की घटना से पूर्वोत्तर भारत में भारी तबाही की आशंका पैदा हो गई है। मो छू नदी के उद्गम स्थल पर स्थित यह झील अचानक फट गई, जिससे भारी मात्रा में पानी तेजी से निचले इलाकों की ओर बह रहा है। इस आपदा को देखते हुए भारत के सीमावर्ती राज्यों पश्चिम बंगाल और असम में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है।
तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने और पूरी तरह सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
शिंताफू झील का स्थान और बाढ़ का बढ़ता प्रसार
शिंताफू झील को भूटान की 17 सबसे संभावित खतरनाक ग्लेशियर झीलों में गिना जाता है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद बाढ़ का पानी मो छू नदी से होते हुए संकोश नदी की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। पानी का प्रवाह पुनाखा जोंग से करीब 8 किलोमीटर दूर कबेसा गेवोग के श्रीगंग इलाके तक पहुंच चुका है। संकोश नदी उत्तरी भूटान से निकलकर असम में ब्रह्मपुत्र नदी से मिलती है, जिससे पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार, कूच बिहार और दार्जिलिंग सहित असम के धुबरी जिले पर बाढ़ का सीधा खतरा मंडरा रहा है।
प्रशासन और एनडीआरएफ की तैयारियां
आपदा की सूचना मिलते ही भारत और भूटान की सरकारों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है:
असम और बंगाल सरकार की निगरानी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। धुबरी के उपायुक्त (DC) जमीनी स्तर पर तैनात हैं। दार्जिलिंग से सांसद राजू बिष्ट ने भी स्थानीय निवासियों से सतर्कता बरतने की अपील की है।
NDRF और एजेंसियों का अलर्ट: नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) के महानिदेशक पीयूष आनंद ने बताया कि बल की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) और मौसम विभाग (IMD) के साथ मिलकर 'होल-ऑफ-गवर्नमेंट अप्रोच' के तहत राहत व बचाव की रणनीति तैयार की गई है।
शांति की अपील: पुलिस प्रशासन के अधिकारियों (एसपी शॉ) ने जनता से न घबराने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि सभी सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे सक्रिय हैं।
क्या होता है 'ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड' (GLOF)?
ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड तब आता है जब ग्लेशियरों के पिघलने से बनी झीलों के प्राकृतिक बांध (बर्फ या पत्थरों की दीवार) अचानक टूट जाते हैं। ग्लोबल वार्मिंग, भारी बारिश, हिमस्खलन या भूस्खलन के कारण जब पानी का दबाव सीमा से अधिक हो जाता है, तो यह भीषण बाढ़ का रूप ले लेता है।