आजम खां को सुप्रीम कोर्ट से झटका, ईडी गिरफ्तारी के खिलाफ याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट ट्रांसफर; 16 नवंबर को सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने आजम खां की ईडी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट भेज दी है। 16 नवंबर को डिवीजन बेंच सुनवाई करेगी और अंतरिम राहत पर विचार करेगी।;
नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खां को प्रवर्तन निदेशालय (ED) से जुड़े गिरफ्तारी मामले में सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। शीर्ष अदालत ने उनकी गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्थानांतरित कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि 16 नवंबर को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच इस मामले की सुनवाई करे। साथ ही आजम खां की ओर से मांगी गई अंतरिम राहत पर भी विचार किया जाए।
इस फैसले के बाद अब आजम खां को राहत मिलने की उम्मीद इलाहाबाद हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है। सुप्रीम कोर्ट ने हालांकि मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम टिप्पणी नहीं की है और सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने का अधिकार हाईकोर्ट के पास खुला रखा है।
कपिल सिब्बल ने उठाया 87 FIR का मुद्दा
सुप्रीम कोर्ट में आजम खां की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खां को लगातार कानूनी कार्रवाई के जरिए राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। सिब्बल ने अदालत को बताया कि उनके खिलाफ पहले से 87 एफआईआर दर्ज हैं।
उन्होंने दलील दी कि आजम खां को कई मामलों में जमानत मिलने के तुरंत बाद एक नए मामले में गिरफ्तार कर लिया गया। उनके मुताबिक, गिरफ्तारी की परिस्थितियां सवाल खड़े करती हैं और इस मामले में अदालत को हस्तक्षेप करना चाहिए। सिब्बल ने इसे राजनीतिक प्रताड़ना का मामला बताते हुए राहत की मांग की।
सीजेआई सूर्यकांत ने दलीलों पर की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने कपिल सिब्बल की दलीलों पर टिप्पणी करते हुए कहा, "आपकी दलील में कुछ दम हो सकता है, लेकिन हम कोई राय व्यक्त नहीं करना चाहते।"
अदालत की इस टिप्पणी से स्पष्ट हुआ कि सुप्रीम कोर्ट फिलहाल मामले के तथ्यों और आरोपों पर कोई निष्कर्ष नहीं देना चाहता। याचिका को हाईकोर्ट भेजने का फैसला इसी प्रक्रिया के तहत लिया गया है, ताकि संबंधित अदालत सभी पहलुओं पर विस्तार से सुनवाई कर सके।
16 नवंबर को हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच करेगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को निर्देश दिया है कि 16 नवंबर को डिवीजन बेंच आजम खां की याचिका पर सुनवाई करे। हाईकोर्ट को गिरफ्तारी के खिलाफ दाखिल याचिका के साथ अंतरिम राहत की मांग पर भी विचार करना होगा।
शीर्ष अदालत ने संबंधित रिकॉर्ड दो दिनों के भीतर हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया है। दोनों पक्षों को अतिरिक्त दलीलें दाखिल करने की अनुमति भी दी गई है। इसके साथ ही सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने की स्वतंत्रता हाईकोर्ट को दी गई है।
अब इस मामले में अगली महत्वपूर्ण सुनवाई 16 नवंबर को होगी। आजम खां और उनके वकीलों की नजर हाईकोर्ट से मिलने वाली संभावित राहत पर रहेगी।