अमित शाह से मिलने के बाद भूपेन बोरा का कांग्रेस पर बड़ा हमला, कहा-32 साल बनाम 32 घंटे, फर्क साफ है
असम में कांग्रेस के बागी नेता भूपेन बोरा ने बड़ा हमला बोला है। कांग्रेस छोड़ चुके भूपेन बोरा ने गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के बाद दो तस्वीरें साझा करके अटैक किया है उन्होंने लिखा है कि 32 साल और 32 घंटे का अंतर साफ दिख रहा है।
गुवाहाटी। भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने जा रहे असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन बोरा ने शुक्रवार रात यहां सरकारी अतिथि गृह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की।
बोरा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा और लखीमपुर के विधायक मनाब डेका की मौजूदगी में शाह से मुलाकात की। बैठक के बाद बोरा ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें शाह से मिलने के लिए कहा था, इसलिए वह उनसे शिष्टाचार भेंट करने आए थे।
भूपेन बोरा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के बाद लिखा है कि 32 साल बनाम 32 घंटे-अंतर दिख रहा है। भूपेन बोरा 22 फरवरी को बीजेपी में शामिल होंगे। भूपेन बोरा के कांग्रेस छोड़ने के बाद पार्टी के दिग्गज नेता भी असम के मोर्चे पर एक्टिव हुए हैं। इनमें वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार प्रमुख है।
उन्होंने दावा किया कि आठ मार्च तक आत्मसम्मान और राज्य के प्रति ‘राष्ट्रवादी’ भावना रखने वाले लगभग 50 प्रतिशत कांग्रेस सदस्य भाजपा में शामिल हो जाएंगे। बोरा सोमवार को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि पार्टी आला कमान ने इसे स्वीकार नहीं किया और वरिष्ठ नेता उनके आवास पर मिलने पहुंचे। राहुल गांधी ने भी उनसे फोन पर बात की।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बोरा से अपने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था, लेकिन अगले दिन मुख्यमंत्री शर्मा उनके आवास पर पहुंचे और घोषणा की कि बोरा 22 फरवरी को भाजपा में शामिल होंगे।
भूपेन बोरा ने दिया बड़ा झटका
भूपेन बोरा के बीजेपी में जाने से कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। वे 2021 से 2025 तक असम प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख थे। कांग्रेस ने असम में अपनी चुनावी तैयारियों को गति देते हुए गौरव गोगोई को प्रमुख बनाया था, लेकिन फरवरी में भूपेन बोरा ने इस्तीफा देकर कांग्रेस की तैयारियों को बैकफुट पर धकेल दिया।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि जब कांग्रेस ने काफी पहले ही प्रियंका गांधी, मधुसूदन मिस्त्री और डीके शिवकुमार जैसे नेताओं को असम के मोर्चे पर लगा दिया था तो बीजेपी यह बड़ा ऑपरेशन करने में कैसे कामयाब हो गई? बोरा के बीजेपी के साथ जाने से कांग्रेस को कितना नुकसान होगा। यह नतीजों में साफ होगा लेकिन चुनावों से पहले कांग्रेस के मूमेंट्म को झटका लगा है। बोरा ने हिमंता बिस्वा सरमा के साथ भी फोटो साझा की है।