नई दिल्ली में भारत-ब्राजील शिखर वार्ता, व्यापार, टेक्नोलॉजी और ग्लोबल साउथ पर फोकस
हैदराबाद हाउस में आयोजित संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत में उनका आगमन अत्यंत प्रसन्नता का विषय है।
नई दिल्ली। ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शनिवार को नई दिल्ली में अहम शिखर वार्ता हुई। राष्ट्रपति लूला 18 से 22 फरवरी तक भारत की राजकीय यात्रा पर हैं और वे प्रधानमंत्री मोदी के आमंत्रण पर यहां पहुंचे हैं। इस दौरान दोनों देशों के बीच कई महत्वपूर्ण व्यापार और रणनीतिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए। वार्ता का केंद्र बिंदु द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना, टेक्नोलॉजी सहयोग को मजबूत करना और ग्लोबल साउथ के मुद्दों पर साझा नेतृत्व को आगे बढ़ाना रहा।
पीएम मोदी ने किया स्वागत
हैदराबाद हाउस में आयोजित संयुक्त बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति लूला और उनके प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि भारत में उनका आगमन अत्यंत प्रसन्नता का विषय है। पीएम मोदी ने याद दिलाया कि पिछले वर्ष ब्राजील यात्रा के दौरान राष्ट्रपति लूला ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था और उसी भावना के साथ भारत ने भी उनका अभिनंदन किया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति लूला की दूरदृष्टि और प्रेरक नेतृत्व ने भारत-ब्राजील संबंधों को निरंतर मजबूती दी है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में दोनों नेताओं के बीच कई बार मुलाकातें हुई हैं, जिससे आपसी विश्वास और सहयोग और गहरा हुआ है। पीएम मोदी के अनुसार, राष्ट्रपति लूला की यह यात्रा ऐतिहासिक एआई समिट की शोभा बढ़ाने के साथ-साथ द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को नई ऊर्जा देने वाली साबित हुई है। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों के प्रति राष्ट्रपति लूला की प्रतिबद्धता के लिए आभार भी व्यक्त किया।
लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है ब्राजील
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में आर्थिक संबंधों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि ब्राजील, लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देश अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील के बीच व्यापार केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि यह आपसी विश्वास और मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। राष्ट्रपति लूला के साथ आए बड़े व्यापार प्रतिनिधिमंडल को उन्होंने इसी भरोसे का प्रमाण बताया। इस दौरान इंडिया-मर्कोसुर व्यापार समझौते के विस्तार पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस समझौते का विस्तार दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को और मजबूती देगा और व्यापार के नए अवसर खोलेगा।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में सहयोग पर विशेष जोर
शिखर वार्ता में उभरती तकनीकों में सहयोग को प्राथमिकता दी गई। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में भारत और ब्राजील का सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरे ग्लोबल साउथ के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि ब्राजील में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की दिशा में काम चल रहा है। इसके अलावा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सुपरकंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि टेक्नोलॉजी समावेशी होनी चाहिए और समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। टेक्नोलॉजी को साझा प्रगति का पुल बनना चाहिए, न कि विभाजन का कारण।
हैदराबाद हाउस में कई समझौतों पर हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा की मौजूदगी में हैदराबाद हाउस में कई अहम समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। हालांकि समझौतों का विस्तृत ब्यौरा आधिकारिक रूप से अलग से जारी किया जाएगा, लेकिन संकेत मिले हैं कि इनमें व्यापार, कृषि, ऊर्जा, डिजिटल सहयोग, और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन समझौतों का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को बहुआयामी बनाना और दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी को संस्थागत रूप देना है।
ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच रहे संबंध
शिखर बैठक के बाद दोनों देशों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता भी हुई। भारत में ब्राजील के राजदूत केनेथ दा नोब्रेगा ने कहा कि राष्ट्रपति लूला और प्रधानमंत्री मोदी के बीच गहरी समझ और मित्रता है, जो द्विपक्षीय संबंधों को ऐतिहासिक ऊंचाइयों तक ले जा रही है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति लूला इस राजकीय यात्रा पर 11 कैबिनेट मंत्रियों, 300 से अधिक कारोबारियों और 50 सीईओ के बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत आए हैं। यह अभूतपूर्व प्रतिनिधित्व इस बात का संकेत है कि ब्राजील भारत के साथ आर्थिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा देना चाहता है।
ग्लोबल साउथ की आवाज को मजबूत करने पर सहमति
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने वैश्विक मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति जताई। भारत और ब्राजील, दोनों ही उभरती अर्थव्यवस्थाओं और ग्लोबल साउथ के प्रमुख प्रतिनिधि देशों में शामिल हैं। ऐसे में जलवायु परिवर्तन, सतत विकास, आपूर्ति शृंखला विविधीकरण और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर साझा रुख अपनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-ब्राजील साझेदारी न केवल द्विपक्षीय स्तर पर, बल्कि ब्रिक्स, जी-20 और अन्य बहुपक्षीय मंचों पर भी प्रभाव डाल सकती है।
व्यापार से टेक्नोलॉजी तक व्यापक सहयोग
राष्ट्रपति लूला की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब वैश्विक अर्थव्यवस्था अनिश्चितताओं से गुजर रही है। ऐसे में भारत और ब्राजील का आर्थिक और तकनीकी सहयोग दोनों देशों को स्थिरता और विकास का नया आधार दे सकता है। द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब डॉलर से आगे ले जाने का लक्ष्य, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर में साझेदारी, एआई और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग, तथा इंडिया-मर्कोसुर समझौते का विस्तार ये सभी संकेत देते हैं कि भारत और ब्राजील संबंधों के नए चरण में प्रवेश कर चुके हैं। राष्ट्रपति लूला की इस राजकीय यात्रा को दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को गहराई देने और भविष्य के लिए मजबूत आधार तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।