‘बार-बार मेरी परीक्षा क्यों लेती हैं?’ आकाश आनंद ने बताया मायावती ने क्या दिया था जवाब
बसपा प्रमुख मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने बताया कि पार्टी में जिम्मेदारी से हटाए जाने के बाद उन्होंने बहनजी से उनकी बार-बार परीक्षा लेने की वजह पूछी थी। जानें मायावती ने क्या जवाब दिया।;
नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज होने लगी हैं। इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रमुख प्रचारकों में शामिल आकाश आनंद ने पार्टी प्रमुख मायावती के साथ अपने रिश्ते और संगठन में मिली जिम्मेदारियों को लेकर एक भावुक किस्सा साझा किया है। जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि जब उन्हें पार्टी में सक्रिय भूमिका से हटाया गया था, तब उन्होंने मायावती से सवाल किया था कि वह बार-बार उनकी परीक्षा क्यों लेती हैं।
आकाश आनंद के मुताबिक, उस समय मायावती ने उन्हें कुछ समय के लिए घर बैठने को कहा था। बाद में जब उन्हें अपनी बात रखने का अवसर मिला, तो उन्होंने सीधे मायावती से इस फैसले के पीछे की वजह पूछी।
मायावती ने आंबेडकर और कांशीराम का दिया उदाहरण
आकाश आनंद ने बताया कि उनके सवाल के जवाब में मायावती ने उनसे तीन अहम बातें कहीं। पहला सवाल डॉ. भीमराव आंबेडकर को लेकर था। मायावती ने पूछा कि क्या आंबेडकर ने आखिरी सांस तक समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष नहीं किया और लगातार चुनौतियों का सामना नहीं किया?
इसके बाद उन्होंने बहुजन आंदोलन के संस्थापक कांशीराम का उदाहरण दिया। आकाश के अनुसार, मायावती ने उनसे पूछा कि क्या कांशीराम ने भी अपना पूरा जीवन बहुजन समाज के उत्थान और सामाजिक परिवर्तन के लिए संघर्ष करते हुए नहीं बिताया?
‘मैंने बहुजन समाज को अपना परिवार माना’
आकाश आनंद ने बताया कि मायावती ने तीसरी बात अपने जीवन से जुड़ी कही। उन्होंने कहा कि अपना परिवार छोड़कर उन्होंने बहुजन समाज को ही अपना परिवार माना है। उनके मुताबिक, समाज और आंदोलन के प्रति जिम्मेदारी निभाने वाले व्यक्ति को हर दिन अपनी क्षमता और प्रतिबद्धता साबित करनी पड़ती है।
आकाश के अनुसार, मायावती ने उनसे कहा कि इतने बड़े आंदोलन, समाज और जिम्मेदारी को बिना परीक्षा लिए उन्हें कैसे सौंपा जा सकता है। यह बात सुनकर वह भावुक हो गए और उनकी आंखों में आंसू आ गए।
आकाश आनंद बोले- आखिरी सांस तक जिम्मेदारी निभाऊंगा
आकाश आनंद ने बताया कि उन्होंने मायावती से कहा कि वह आखिरी सांस तक उनकी परीक्षा देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने बहुजन समाज के हितों की रक्षा करने और संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा से काम करने का संकल्प भी जताया।
उन्होंने कहा कि बहुजन समाज के हित में जरूरत पड़ने पर वह निजी हितों का त्याग करने के लिए भी तैयार हैं।
2027 चुनाव से पहले बसपा की तैयारी
आकाश आनंद का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बसपा उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पार्टी संगठन को मजबूत करने और अपने समर्थकों तक पहुंच बढ़ाने की कोशिश कर रही है। ऐसे में आकाश आनंद की सक्रिय भूमिका को बसपा की आगामी चुनावी रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।