किसान आंदोलन: सुप्रीम कोर्ट ने कहा-"सरकार और किसानों की बने कमेटी"

आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई की

Update: 2020-12-16 14:01 GMT

नई दिल्ली। आज बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन को लेकर दायर की गई याचिका पर सुनवाई की। जी हां किसानों को सड़कों से हटाने की अर्जी पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए फिर से सुलह की बात पर जोर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सरकार और किसान को मिलाकर एक कमेटी बनाई जाए और इस कमेटी के जरिए इस समस्या का हल निकालने का काम किया जाए। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा कि सरकार, किसान संगठनों और दूसरे पक्षों को शामिल करते हुए एक कमेटी बनानी चाहिए, क्योंकि जल्द यह राष्ट्रीय मुद्दा बनने वाला है। कोर्ट ने साफ कहा कि पूरे देश में इस तरह से आंदोलन चिंता का विषय बन सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि ये किसान आंदोलन सिर्फ सरकार के स्तर पर सुलझने वाला नहीं। चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की और कहा कि सरकार की तरफ से की गई बातचीत से इसका हल नहीं निकला और आगे भी निकलता नहीं दिख रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने किसानों को दिल्ली बॉर्डर से हटाने की अर्जी पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया है। केंद्र सरकार, पंजाब और हरियाणा सरकार को कोर्ट की ओर से नोटिस जारी किया है। साथ ही कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर एक कमिटी गठित की जाएगी, जो इस मसले को सुलझाएगी। क्योंकि राष्ट्रीय मुद्दा सहमति से सुलझना जरूरी है।

सुप्रीम कोर्ट की तरफ से किसानों के आंदोलन पर भी टिप्पणी की गई। कोर्ट ने किसानों को भी पार्टी बनाने की इजाजत दी है और इसके साथ ही किसान संगठनों को भी नोटिस जारी किया है। चीफ जस्टिस एसए बोबडे ने दोनों पक्षों से सवाल जवाब किए। उन्होंने साफ कहा कि एक कमेटी जिसमें हर किसान संगठन के नेता शामिल हों और सरकार के प्रतिनिधि शामिल हो वो बनाई जाए और इसके बाद इन कानूनों को लेकर किसानों की मांग और सरकार के आश्वासन पर बात की जाए।

आपको बता दें कि कोर्ट ने दोनों पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है और अब इस मामले पर कल यानि की गुरुवार को सुनवाई होगी।

Tags:    

Similar News