ज्योतिर्मयी नायक जीती 'इंडियन आइडल 16',गले की दिक्कत को मात देकर रचा इतिहास
मुंबई, ओडिशा की रहने वाली ज्योतिर्मयी नायक ने इंडियन आइडल सीजन 16 का खिताब अपने नाम किया। ज्योतिर्मयी ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि शो के दौरान गले में दिक्कत होने की वजह से उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वे इस मुकाम पर पहुंच पाएंगी।;
मुंबई, ओडिशा की रहने वाली ज्योतिर्मयी नायक ने इंडियन आइडल सीजन 16 का खिताब अपने नाम किया। ज्योतिर्मयी ने आईएएनएस के साथ बातचीत में बताया कि शो के दौरान गले में दिक्कत होने की वजह से उन्हें बिल्कुल भी अंदाजा नहीं था कि वे इस मुकाम पर पहुंच पाएंगी।
ज्योतिर्मयी ने अपने उतार-चढ़ाव भरे सफर को याद करते हुए बताया, "जिन्होंने मेरी यात्रा को देखा है, वे अच्छे से जानते हैं कि शो के दौरान मेरे गले में गंभीर समस्या हो गई थी, जिसके कारण मैं गा भी नहीं पाती थी। उस मुश्किल दौर से निकलकर फाइनल तक पहुंचना और फिर ट्रॉफी जीतना मेरे लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। जब मेरे नाम की विजेता के रूप में घोषणा हुई, तो कुछ समय तक मुझे यकीन ही नहीं हुआ कि मैं सचमुच जीत गई हूं।"
ज्योतिर्मयी ने बताया कि 'इंडियन आइडल' के सफर ने उन्हें एक गायिका के रूप में अपने अंदर के हुनर और कई नई खूबियों को पहचानने का मौका दिया।
उन्होंने कहा, "पहले मैं ज्यादातर लता मंगेशकर जी और आशा भोसले जी के गाने गाती थी लेकिन इस प्रतियोगिता के दौरान मैंने अपने कम्फर्ट जोन से बाहर निकलकर अलग-अलग तरह के गाने गाए और आवाज में बदलाव (वॉइस मॉड्यूलेशन) करना सीखा। फिनाले में मैंने बिल्कुल अलग अंदाज में गाना प्रस्तुत किया, जिसे लोगों ने खूब पसंद किया और वह मेरी प्रस्तुति की सबसे खास बातों में से एक बन गया।"
अभिनेत्री ने कहा, "जब मैंने फिनाले में 'गजर ने की आयशारा' गाना गाया, तो श्रेया घोषाल मैम ने मेरी बहुत तारीफ की थी। उन्होंने कहा कि फिनाले जैसे बड़े मंच पर इतना कठिन अंदाज चुनना और अपनी आवाज को उस शैली के अनुसार ढालना (वॉयस मॉड्यूलेशन) आसान नहीं होता। उन्हें मेरा यह प्रयास बहुत पसंद आया।"
आईएएनएस ने पूछा, "इंडियन आइडल को गायकों के लिए सबसे बड़े मंचों में से एक माना जाता है लेकिन कई लोगों का मानना है कि असली संघर्ष शो खत्म होने के बाद शुरू होता है। इस बारे में आपके क्या विचार हैं?"
ज्योतिर्मयी नायक ने इस सवाल का जवाब शालीनता के साथ देते हुए कहा, "मैं इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हूं। अगर हम अभिजीत सावंत सर को देखें, तो वह आज भी बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और लगातार अपनी पहचान बनाए हुए हैं। इंडियन आइडल जीतने का मतलब यह नहीं है कि मेहनत खत्म हो जाती है बल्कि इसके बाद मेहनत और भी बढ़ जाती है। सफलता अपने साथ बड़ी जिम्मेदारियां लेकर आती है। आगे बढ़ने और अपनी पहचान बनाए रखने के लिए लगातार मेहनत, सीखने और बेहतर करने की कोशिश करते रहना पड़ता है।"