मुंबई। मशहूर गायक मीका सिंह ने एक हालिया पॉडकास्ट इंटरव्यू में पाकिस्तान के साथ अपने जुड़ाव और वहां के लोगों को लेकर अपने विचार साझा किए हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने पाकिस्तान में मौजूद गुरुद्वारों और वहां रहने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की ओर से की जाने वाली सेवा का जिक्र किया। मीका ने कहा कि पाकिस्तान के लोगों के प्रति उनके मन में कोई नफरत नहीं है और वहां के लोगों ने उन्हें हमेशा सम्मान दिया है।
गुरुद्वारे में सेवा का किया जिक्र
मीका सिंह ने सिख धर्म में लंगर की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि सेवा और भाईचारा उनकी संस्कृति का अहम हिस्सा है। उन्होंने गुरु नानक देव जी से जुड़ी लंगर की परंपरा का जिक्र करते हुए बताया कि पाकिस्तान की यात्रा के दौरान उन्होंने वहां गुरुद्वारे में स्थानीय मुस्लिम लोगों को सेवा करते देखा।गायक के मुताबिक, कई लोग गुरुद्वारे की सफाई और दूसरी सेवाओं में योगदान देते हैं। उन्होंने सिंधी समुदाय और गुरु नानक देव जी के प्रति उनकी आस्था का भी जिक्र किया। मीका ने कहा कि यही अनुभव पाकिस्तान के प्रति उनके भावनात्मक जुड़ाव की एक बड़ी वजह है।
बोले- पाकिस्तान बुरा नहीं है
मीका सिंह ने पाकिस्तान को लेकर अपनी राय जाहिर करते हुए कहा कि उनके अनुभव में पाकिस्तान के लोग बुरे नहीं हैं। इसी संदर्भ में उन्होंने भारत में पाकिस्तान के मुसलमानों को लेकर बने नजरिए पर सवाल उठाया और कहा कि उन्हें यह अंतर समझ नहीं आता कि पाकिस्तान के मुसलमानों को लेकर अलग धारणा क्यों है, जबकि दुबई के मुसलमानों को अच्छा माना जाता है। मीका की यह टिप्पणी उनके व्यक्तिगत अनुभव और नजरिए के तौर पर सामने आई है। उन्होंने अपने पाकिस्तान से जुड़ाव को किसी राजनीतिक मुद्दे के बजाय लोगों और धार्मिक स्थलों से जुड़ी अपनी भावनाओं से जोड़ा।
ननकाना साहिब से जुड़ा भावनात्मक रिश्ता
गायक ने बताया कि पाकिस्तान से उनके लगाव की सबसे बड़ी वजह वहां स्थित सिख धार्मिक स्थल हैं। उन्होंने विशेष रूप से ननकाना साहिब का जिक्र किया, जिसे गुरु नानक देव जी का जन्मस्थान माना जाता है। मीका ने कहा कि जब उन्हें पहले पाकिस्तान से बुलावा मिलता था तो उनके मन में सबसे पहले गुरुद्वारे में मत्था टेकने का ख्याल आता था। उन्होंने कहा कि उनके लिए पाकिस्तान जाने की इच्छा केवल पैसे या कार्यक्रमों तक सीमित नहीं थी, बल्कि धार्मिक स्थलों के दर्शन की भी उसमें बड़ी भूमिका थी।
पाकिस्तान में परफॉर्म करने पर दी सफाई
मीका सिंह ने पाकिस्तान में कार्यक्रम करने को लेकर पहले हुए विवाद पर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस समय वह पाकिस्तान गए थे, तब वहां के हालात अलग थे। उनका कहना था कि यदि कोई व्यक्ति कानूनी तरीके से वीजा लेकर किसी देश में जाता है तो इसे छिपकर जाने जैसा नहीं माना जा सकता। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जाने के लिए वह किसी गुप्त तरीके का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। वह फ्लाइट से गए और उनका सफर सभी के सामने था। मीका ने यह भी कहा कि उनके मुताबिक उस समय ऐसा कोई स्पष्ट प्रतिबंध नहीं था, जिसके तहत उन्हें वहां निजी कार्यक्रम में प्रस्तुति देने से रोका गया हो।
पाकिस्तानी कलाकारों पर भी बोले मीका
मीका ने भारत में पाकिस्तानी कलाकारों को मिलने वाले सम्मान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब पाकिस्तानी गायक भारत आते हैं तो उन्हें यहां काफी सम्मान मिलता है। ऐसे में यदि पाकिस्तान में उन्हें भी सम्मान दिया गया तो इसे सकारात्मक नजरिए से देखा जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें पाकिस्तानी गायकों से कोई परेशानी नहीं है। उनके मुताबिक कलाकारों के बीच संबंधों को केवल राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
धर्म और इंसानियत को बताया जुड़ाव की वजह
मीका सिंह ने बातचीत के दौरान गुरु नानक देव जी से जुड़े धार्मिक स्थलों और उनकी विरासत को अपने पाकिस्तान प्रेम की मुख्य वजह बताया। उन्होंने कहा कि वहां के गुरुद्वारों से जुड़ी यादें और वहां मिलने वाला सम्मान उनके लिए भावनात्मक महत्व रखता है। उनकी बातों से साफ है कि पाकिस्तान को लेकर उनका नजरिया उनके व्यक्तिगत अनुभवों, धार्मिक विरासत और वहां मिले लोगों के व्यवहार से प्रभावित है। हालांकि, उनके पाकिस्तान से जुड़े बयान एक ऐसे समय में सामने आए हैं जब दोनों देशों के बीच रिश्तों को लेकर संवेदनशीलता बनी हुई है।