CJP पर आलोचना वाले वायरल मैसेज से जावेद अख्तर ने झाड़ा पल्ला, बोले- मेरे नाम से विश्वसनीयता लेने की जरूरत क्यों?

जावेद अख्तर के मुताबिक, उनके नाम का इस्तेमाल करके फर्जी संदेश को विश्वसनीय दिखाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि दीपके और CJP का विरोध करने वालों को अपनी बात के लिए उनके जैसे व्यक्ति के नाम की जरूरत क्यों पड़ रही है।;

Update: 2026-10-06 09:23 GMT

नई दिल्ली। गीतकार और लेखक जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया पर उनके नाम से वायरल हो रहे एक कथित संदेश को पूरी तरह फर्जी बताया है। इस संदेश में दावा किया गया था कि अख्तर ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके की आलोचना की है। जावेद अख्तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर स्पष्ट किया कि उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।

वायरल पोस्ट पर जावेद अख्तर की सफाई

जावेद अख्तर ने अपने नाम से प्रसारित किए जा रहे संदेश पर हैरानी जताई। उन्होंने कहा कि CJP या अभिजीत दीपके को लेकर वायरल किया जा रहा कथित बयान उनका नहीं है। अख्तर के मुताबिक, उनके नाम का इस्तेमाल करके फर्जी संदेश को विश्वसनीय दिखाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि दीपके और CJP का विरोध करने वालों को अपनी बात के लिए उनके जैसे व्यक्ति के नाम की जरूरत क्यों पड़ रही है। अख्तर ने इस पूरे मामले को दुखद बताते हुए संदेश को फेक करार दिया। वायरल संदेश में कथित तौर पर अभिजीत दीपके को अरविंद केजरीवाल की कठपुतली बताया गया था और CJP की आलोचना की गई थी। हालांकि, जावेद अख्तर ने इससे खुद को स्पष्ट रूप से अलग कर लिया है।

कंचन गुप्ता के साथ सोशल मीडिया पर बहस

CJP से जुड़े वायरल संदेश के अलावा जावेद अख्तर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक अन्य विवाद को लेकर भी चर्चा में हैं। सोमवार को उनकी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ सलाहकार कंचन गुप्ता के साथ X पर तीखी बहस हुई। यह विवाद ऑल इंडिया इमाम एसोसिएशन के अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी के आबादी से जुड़े एक बयान के बाद शुरू हुआ। रशीदी ने मुस्लिम परिवारों में अधिक बच्चों को सामान्य बताते हुए हिंदू परिवारों में कम बच्चों की संख्या पर सवाल उठाया था। उनके बयान में पांच से अधिक और कई परिवारों में इससे भी ज्यादा बच्चों का जिक्र किया गया था।

कंचन गुप्ता ने अख्तर पर उठाए सवाल

कंचन गुप्ता ने रशीदी के बयान से जुड़ी खबर साझा करते हुए जावेद अख्तर को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर इसी तरह की टिप्पणी किसी हिंदू व्यक्ति ने मुसलमानों को लेकर की होती, तो अख्तर और कुछ अन्य लोग उसका विरोध करते। गुप्ता ने अख्तर से सवाल किया कि क्या वह रशीदी के बयान पर भी उसी तरह प्रतिक्रिया देंगे। उन्होंने रशीदी के बयान को लेकर अख्तर की चुप्पी पर सवाल खड़े किए और इसे सांप्रदायिक सोच से जोड़कर टिप्पणी की।

सरकारी आंकड़ों पर भरोसा करने की दी सलाह

जावेद अख्तर ने इसका जवाब देते हुए कंचन गुप्ता की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि आबादी से जुड़े दावों को किसी समुदाय विशेष के व्यक्ति के बयान के बजाय सरकारी जनगणना के आंकड़ों के आधार पर देखा जाना चाहिए। अख्तर ने आरोप लगाया कि गुप्ता ने ऐसे व्यक्ति के बयान पर भरोसा किया जो उनकी नजर में संकीर्ण और सांप्रदायिक सोच रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि वास्तविक आंकड़े शायद नफरत फैलाने वाली राजनीति के लिए उतने उपयोगी न हों।

हिंदू धर्म और विचारधारा पर भी हुई बहस

बहस आगे बढ़ने पर दोनों के बीच हिंदू धर्म और धार्मिक कट्टरता को लेकर भी तीखी टिप्पणियां हुईं। जावेद अख्तर ने गुप्ता को हिंदू धर्म की छवि खराब करने वाला बताया और स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी तथा डॉ. राधाकृष्णन को पढ़ने की सलाह दी। इसके जवाब में कंचन गुप्ता ने कहा कि हिंदू धर्म को किसी 'सफेद चादर' के रूपक से नहीं समझा जा सकता। उन्होंने इसे जीवंत और बहुरंगी परंपरा बताया तथा अख्तर की उपमा पर सवाल उठाया।

मुझे मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ नहीं जोड़ सकते

बहस के दौरान जावेद अख्तर ने यह भी स्पष्ट किया कि वह किसी धर्म को नहीं मानते और इसलिए मौलाना साजिद रशीदी को अपना 'सहधर्मी' मानने की बात गलत है। उन्होंने कंचन गुप्ता को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें मुस्लिम कट्टरपंथियों के साथ जोड़ने की कोशिश सफल नहीं होगी। अख्तर ने दावा किया कि मुंबई पुलिस उन्हें अतीत में कट्टरपंथी तत्वों से सुरक्षा दे चुकी है। उन्होंने गुप्ता पर संकीर्ण सोच रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह उन्हें झूठ के साथ बचकर निकलने नहीं देंगे। सोशल मीडिया पर दोनों के बीच हुई यह बहस अब चर्चा का विषय बनी हुई है।

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