बिहार में ई-वे बिल 20 अप्रैल से लागू

बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां गुरुवार को कहा कि बिहार के अंदर दो लाख रुपये से अधिक मूल्य के करयोग्य माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल को 20 अप्रैल से अनिवार्य कर दिया गया

Update: 2018-04-19 22:54 GMT

पटना। बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्तमंत्री सुशील कुमार मोदी ने यहां गुरुवार को कहा कि बिहार के अंदर दो लाख रुपये से अधिक मूल्य के करयोग्य माल के परिवहन के लिए ई-वे बिल को 20 अप्रैल से अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले एक अप्रैल से 50 हजार से अधिक मूल्य के मालों के अंतरराज्यीय परिवहन के लिए ई-वे बिल की व्यवस्था लागू की गई थी। उपमुख्यमंत्री ने कारोबारियों और ट्रांसपोर्टर से अपील करते हुए कहा कि वे राष्ट्रीय ई-वे बिल पोर्टल से बिल जेनरेट करने के बाद ही मालों का परिवहन करें, ऐसा नहीं करने वाले को पकड़े जाने पर दंडित होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि राज्य के अंदर एलपीजी, पेट्रो केमिकल्स, ज्वेलरी, किरासन तेल, खाद्यान्न तथा घरेलू सामानों के परिवहन के लिए ई-वे बिल की जरूरत नहीं होगी। 

मोदी ने बताया कि बिहार में अब तक 23,715 करदाता और 284 ट्रांसपोर्टर निबंधित हैं तथा 43,188 ई-वे बिल जेनरेट किए जा चुके हैं। ई-वे बिल जेनरेट करने के 72 घंटे या माल प्राप्ति जो पहले हो, के अंदर प्राप्तकर्ता के द्वारा ई-वे बिल को स्वीकार या अस्वीकार किया जा सकता है। 

राज्य के अंदर माल परिवहन के लिए ई-वे बिल की वैधता समान्यत: 100 किलोमीटर तक की दूरी के लिए एक दिन है, लेकिन प्रत्येक 100 किलोमीटर या उसके बाद के हिस्से के लिए एक अतिरिक्त दिन मान्य होगा। 

उन्होंने कहा कि सड़क मार्ग से माल को भेजने के पूर्व ई-वे बिल जेनरेट करना अनिवार्य होगा मगर रेलवे, हवाई व जलमार्ग से परिवहन की स्थिति में आपूर्ति के समय ई-वे बिल पेश करना होगा। 

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