संभल जामा मस्जिद-हरिहर मंदिर विवाद में सर्वे के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में आज संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़े सर्वे विवाद पर सुनवाई होनी है। मस्जिद प्रबंधन समिति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत द्वारा दिए गए सर्वे कराने के निर्देश को बरकरार रखा गया था;
सर्वे आदेश पर रोक की मांग - मस्जिद समिति ने हाई कोर्ट को दी चुनौती
- हरिहर मंदिर का दावा - याचिका में मुगलकालीन निर्माण पर उठे सवाल
- सुप्रीम कोर्ट की नजर - यूपी सरकार को शांति बनाए रखने के निर्देश
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में आज संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़े सर्वे विवाद पर सुनवाई होनी है। मस्जिद प्रबंधन समिति ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें निचली अदालत द्वारा दिए गए सर्वे कराने के निर्देश को बरकरार रखा गया था।
मामले की सुनवाई जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के सामने होगी। इससे पहले अदालत ने इस मामले को 18 अगस्त तक टाल दिया था। मस्जिद समिति की ओर से दो अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
समिति की दलील
मस्जिद समिति का कहना है कि दिसंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट ने धार्मिक स्थलों पर नए मुकदमे स्वीकार करने और लंबित मामलों में आदेश देने से रोक लगा दी थी। ऐसे में हाई कोर्ट को सर्वे से जुड़े मामले में आगे नहीं बढ़ना चाहिए था।
1991 का प्लेसेज ऑफ वर्शिप एक्ट कहता है कि किसी भी पूजा स्थल के धार्मिक स्वरूप में बदलाव नहीं किया जा सकता और 15 अगस्त 1947 को जो स्थिति थी, वही बनी रहेगी। अयोध्या विवाद को इस कानून से बाहर रखा गया था।
संभल की सिविल अदालत ने नवंबर 2024 में मस्जिद का सर्वे कराने का आदेश दिया था। समिति का आरोप है कि बाद में किया गया दूसरा सर्वे गैरकानूनी था। याचिका में दावा किया गया है कि मस्जिद का निर्माण मुगलकाल में हरिहर मंदिर को तोड़कर किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही उत्तर प्रदेश सरकार को शांति और सद्भाव बनाए रखने के निर्देश दिए थे। अब देखना होगा कि आज की सुनवाई में अदालत क्या रुख अपनाती है।