दिल्ली के जंतर-मंतर पर बवाल: आतिशी-सौरभ भारद्वाज समेत 500 से ज्यादा हिरासत में, इंटरनेट सेवा पर रोक

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीईसी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान 500 से ज्यादा लोग हिरासत में लिए गए। आतिशी, सौरभ भारद्वाज समेत कई नेता शामिल रहे।;

Update: 2026-10-02 08:15 GMT

नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 500 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इनमें आम आदमी पार्टी (AAP) की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज, आतिशी, विधायक संजीव झा और राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत कई नेता और छात्र कार्यकर्ता शामिल हैं। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी और नई दिल्ली जिले में BNSS की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू किए गए थे।

SIR को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन

प्रदर्शनकारी विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के दौरान मतदाता सूची में नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों और कुछ नागरिक संगठनों की ओर से CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है।

AAP नेता सौरभ भारद्वाज जंतर-मंतर पहुंचने के बाद पुलिस हिरासत में लिए गए। उन्होंने एक वीडियो संदेश में कार्यकर्ताओं और समर्थकों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। भारद्वाज ने कहा कि पार्टी ने प्रदर्शन की अनुमति के लिए पहले ही पत्र दिए थे और वह इसे लोकतांत्रिक अधिकार के तौर पर देखती है।

जंतर-मंतर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर रोड पर बैरिकेडिंग की गई और यातायात को नियंत्रित किया गया। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती की। प्रशासन ने सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात सुचारु रखने के लिए धारा 163 लागू की थी।

दिल्ली मेट्रो ने भी सुरक्षा कारणों से नई दिल्ली और आसपास के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद किया। रिपोर्टों के मुताबिक 11 मेट्रो स्टेशनों पर यह प्रतिबंध लगाया गया, जबकि कुछ प्रमुख स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रही।

इलाके में इंटरनेट सेवा भी प्रभावित

प्रदर्शन स्थल के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को भी अस्थायी रूप से निलंबित किया गया। Millennium Post की रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट सेवा शाम 9 बजे तक बंद रखने की व्यवस्था की गई थी। यह कदम प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के तहत उठाया गया।

मनोज झा भी प्रदर्शन में पहुंचे

RJD सांसद मनोज झा भी जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन के लिए अनुमति की आवश्यकता पर सवाल उठाया और कहा कि गांधी जयंती के दिन शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक अधिकार का हिस्सा है। उन्होंने CEC ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार के खिलाफ राजनीतिक आरोप भी लगाए।

वहीं, पुलिस का पक्ष है कि प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए अनुमति नहीं दी गई थी और धारा 163 लागू होने के कारण भीड़ जुटने पर कार्रवाई की गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर अपनी आपत्तियां लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज करा रहे हैं।

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