कीर्ति चक्र विजेता मेजर जनरल सुनील कुमार रजदान का निधन

भारतीय सेना के वीर योद्धा और असाधारण सैन्य अधिकारी मेजर जनरल सुनील कुमार रजदान (सेवानिवृत्त) का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय रक्षा बलों के बीच शोक की लहर है। मेजर जनरल रजदान को कीर्ति चक्र और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।;

Update: 2026-08-13 21:40 GMT

नई दिल्ली। भारतीय सेना के वीर योद्धा और असाधारण सैन्य अधिकारी मेजर जनरल सुनील कुमार रजदान (सेवानिवृत्त) का गुरुवार को निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय रक्षा बलों के बीच शोक की लहर है। मेजर जनरल रजदान को कीर्ति चक्र और विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।

7वीं बटालियन, पैराशूट रेजिमेंट (7 पैरा एसएफ) के जांबाज अधिकारी रहे मेजर जनरल रजदान ने जम्मू-कश्मीर में 1994 में चलाए गए आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देकर सैन्य इतिहास में अपनी अलग पहचान बनाई।

1994 में जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने कुछ युवतियों को बंधक बना लिया था। उस समय लेफ्टिनेंट कर्नल रहे सुनील कुमार रजदान ने अभियान का नेतृत्व किया और आगे बढ़कर दो आतंकवादियों को मार गिराया।

अभियान के दौरान उन्हें पेट में कई गोलियां लगीं, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी भी गंभीर रूप से चोटिल हो गई। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए बाकी खतरे को खत्म किया और बंधकों को सुरक्षित बाहर निकालना सुनिश्चित किया।

उन्होंने तत्काल चिकित्सा निकासी से इनकार कर दिया और अभियान पूरा होने तक मोर्चे पर डटे रहे। उनकी इस असाधारण वीरता के लिए उन्हें देश के दूसरे सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया।

गंभीर चोटों के कारण उनके शरीर का कमर से नीचे का हिस्सा लकवाग्रस्त हो गया, लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक सीमाओं को कभी अपने संकल्प के आड़े नहीं आने दिया।

अपनी दिव्यांगता को दृढ़ इच्छाशक्ति से चुनौती देते हुए मेजर जनरल रजदान ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह भारतीय सेना के पहले व्हीलचेयर पर रहने वाले जनरल अधिकारी बने।

उन्होंने इसके बाद भी देश की सेवा जारी रखी और अपने सक्रिय सैन्य करियर का समापन मुख्यालय इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ में किया, जहां उन्होंने महत्वपूर्ण और उपयोगी शोध कार्य किए।

मेजर जनरल सुनील कुमार रजदान का जीवन भारतीय सैन्य परंपराओं में सर्वोच्च कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का उदाहरण है। उनका अदम्य जज्बा और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों के सैनिकों और नागरिकों को प्रेरित करता रहेगा।

भारतीय रक्षा बलों ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

Tags:    

Similar News