नई दिल्ली: Delhi murder case: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के किलोकरी गांव में शोर-शराबे का विरोध करना एक रिटायर्ड संगीतकार को भारी पड़ गया। घर के बाहर कथित तौर पर शराब पीकर हंगामा कर रहे लोगों को आवाज कम करने के लिए कहना सी. विक्रम सिंह को महंगा पड़ा। आरोप है कि इसके बाद कुछ लोगों ने उनके साथ मारपीट कर दी। गंभीर रूप से घायल सिंह की सोमवार को होली फैमिली अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में हत्या से जुड़ी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घर के बाहर हो रहे शोर का किया था विरोध
पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मणिपुर निवासी सी. विक्रम सिंह कई वर्षों से किलोकरी गांव में रह रहे थे। घटना के समय उनके घर के सामने कुछ लोग शराब पी रहे थे और तेज आवाज में शोर-शराबा कर रहे थे। बताया गया है कि सिंह ने घर से नीचे आकर उन्हें आवाज कम करने और हंगामा नहीं करने के लिए कहा। पुलिस के अनुसार, इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि वहां मौजूद लोगों ने सिंह के साथ हाथापाई शुरू कर दी। मारपीट में उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलने के बाद उनके बेटे यैफाबा उन्हें इलाज के लिए होली फैमिली अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि, डॉक्टरों के प्रयास के बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी।
पुलिस ने कई आरोपियों को पकड़ा
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनीत कुमार के मुताबिक, सनलाइट कॉलोनी थाना पुलिस को सिंह की पिटाई से संबंधित पीसीआर कॉल मिली थी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों की पहचान की। पुलिस ने इस मामले में भरत कुमार (19), प्रमोद (26), रमजान खान (22), दीपांशु (21), मोहन विश्वकर्मा (32), विजय (36) और मन्नू (26) को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा सैनी ढाबे पर काम करने वाले 15 वर्षीय एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए लोगों में कुछ आरोपी ढाबे पर खाना परोसने, फूड पैकेजिंग और वेटर के रूप में काम करते हैं, जबकि कुछ अन्य आसपास के कारोबार से जुड़े हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और किसकी क्या भूमिका थी।
छह लोगों से हुआ था विवाद
दिल्ली विश्वविद्यालय की नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स सोसाइटी (NESDU) ने सी. विक्रम सिंह के निधन पर शोक जताया है। संगठन ने उन्हें सम्मानित मणिपुरी संगीतकार बताते हुए घटना की निंदा की। संगठन के मुताबिक, रिपोर्टों में सामने आया है कि सिंह अपने आवास से नीचे आए थे और अपार्टमेंट के बाहर शराब पी रहे करीब छह लोगों से शोर कम करने का अनुरोध किया था। इसके बाद कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की गई। NESDU ने इसे बेवजह की हिंसा बताते हुए अधिकारियों से मामले की तेज, निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग की है। संगठन ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की भी अपील की है।
हत्या की धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने कहा है कि मामले में हत्या से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। सभी आरोपियों को पकड़ लिया गया है और नाबालिग की भूमिका की भी जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस घटना के पूरे क्रम, आरोपियों की भूमिका और मारपीट के कारणों की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मृतक के परिवार और मणिपुरी समुदाय में घटना को लेकर शोक का माहौल है।