सत्य निकेतन इमारत हादसे पर सियासत: कांग्रेस ने उठाए सवाल; भाजपा बोली- दोषी को बख्शेंगे नहीं
दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता श्रीनिवास भद्रावती वेंकट ने हादसे के बाद प्रशासन के मौके पर पहुंचने में कथित देरी, राहत-बचाव व्यवस्था और निर्माण से जुड़ी मंजूरियों को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।;
नई दिल्ली। दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता श्रीनिवास भद्रावती वेंकट ने हादसे के बाद प्रशासन के मौके पर पहुंचने में कथित देरी, राहत-बचाव व्यवस्था और निर्माण से जुड़ी मंजूरियों को लेकर भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने सरकार की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
कांग्रेस नेता श्रीनिवास भद्रावती वेंकट ने कहा कि इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद प्रशासन और सरकारी राहत तंत्र को मौके पर पहुंचने में काफी समय लगा। एनएसयूआई के अध्यक्ष और उनकी टीम सबसे पहले मौके पर पहुंची और कुछ लोगों के रेस्क्यू में मदद की। उन्होंने सवाल उठाया कि शुरुआती दौर में मौके पर पहुंचने वाली एंबुलेंस सरकारी व्यवस्था की बजाय निजी सेवा की क्यों थी।
दिल्ली में केंद्र और राज्य सरकार के साथ भाजपा के सांसद, मेयर, विधायक और पार्षद के स्तर पर मौजूद राजनीतिक नियंत्रण का उल्लेख करते हुए उन्होंने सवाल किया कि इतने स्तरों पर भाजपा की मौजूदगी के बावजूद प्रशासनिक प्रतिक्रिया में देरी क्यों हुई। वेंकट ने कहा कि जिस इमारत से जुड़ा पुराना मामला वर्ष 2022 में सामने आया था, उसमें दोबारा निर्माण या अनुमति किसने दी, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने हाल में बेसमेंट के काम के लिए दी गई कथित अनुमति पर भी सवाल उठाया। घटनास्थल के आसपास पर्याप्त चौड़ी सड़कें होने के बावजूद राहत और बचाव दल को पहुंचने में देरी चिंता का विषय है। भ्रष्टाचार और नियमों के उल्लंघन की जांच किए बिना केवल अधिकारियों पर कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं होगा।
कांग्रेस नेता ने दक्षिणी दिल्ली के अधिकारियों और कर्मचारियों के निलंबन पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन कथित मुख्य जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच जरूरी है। उन्होंने दावा किया कि हादसे वाली इमारत से करीब 50 मीटर दूर एक अन्य भवन में भी दरारें हैं और वहां निर्माण या रेस्क्यू गतिविधियों के बीच सुरक्षा को लेकर खतरा बना हुआ है। उन्होंने सरकार से आसपास की इमारतों का तत्काल सुरक्षा निरीक्षण कराने की मांग की।
वेंकट ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों की स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि माता-पिता अपने बच्चों को भविष्य के सपनों के साथ दिल्ली भेजते हैं। ऐसे हादसे में जान गंवाने वाले परिवारों के नुकसान की भरपाई केवल आर्थिक मदद से संभव नहीं है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दिल्ली सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राजधानी में इतनी बड़ी घटना के बावजूद शीर्ष स्तर से पर्याप्त प्रतिक्रिया दिखाई नहीं दी। सरकार को राजनीतिक अहंकार छोड़कर उपलब्ध प्रशासनिक तंत्र और संस्थानों का इस्तेमाल जनता की सुरक्षा के लिए करना चाहिए। कांग्रेस कार्यकर्ता विपक्ष में रहते हुए भी राहत और सेवा कार्यों में जुटे हैं और आगे भी मदद जारी रखेंगे।
वहीं, भाजपा प्रवक्ता यासिर जिलानी ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। दिल्ली सरकार ने अपना कर्तव्य निभाते हुए तत्काल कार्रवाई की है। पांच अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है और जांच आगे बढ़ने के साथ जिस किसी की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। आरोपी को हरियाणा से दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और घायलों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन पर जिलानी ने आरोप लगाया कि पार्टी इस समय राजनीतिक सुर्खियों में बने रहने के लिए प्रदर्शन कर रही है। यह पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करने और उनके साथ खड़े होने का समय है, न कि राजनीति करने का। उन्होंने दोहराया कि जांच में चाहे कोई कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न निकले, यदि उसकी भूमिका सामने आती है तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।