दिल्ली के स्कूलों में बच्चों के लिए नहीं हैं शौचालय : विजेन्द्र गुप्ता

विजेन्द्र गुप्ता ने दक्षिणी दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित एमबीडीएवी स्कूल का जिक्र करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर स्कूल के बच्चों को भागकर पास में स्थित मेट्रो स्टेशन के शौचालय में जाना पड़ता है

Update: 2018-09-02 02:15 GMT

नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने स्कूलों में उपलब्ध सेवाओं के सुधार की बड़ी-बड़ी बाते करने वाली केजरीवाल सरकार के दावों की हवा निकालते हुए कहा है कि देश की राजधानी दिल्ली के स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए शौचालय उपलब्ध ही न होना बड़े शर्म की बात है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में स्कूलों को मान्यता दिल्ली सरकार द्वारा दी जाती है उनकी समझ में यह नहीं आता कि ऐसे स्कूलों जहां बच्चों के लिए शौचालय तक की सुविधा ही उपलब्ध नहीं है मान्यता कैसे मिल जाती है?

गुप्ता ने दक्षिणी दिल्ली के ग्रीन पार्क स्थित एमबीडीएवी स्कूल का जिक्र करते हुए कहा कि आवश्यकता पड़ने पर स्कूल के बच्चों को भागकर पास में स्थित मेट्रो स्टेशन के शौचालय में जाना पड़ता है। ऐसे में यदि किसी बच्चे को अचानक शौच जाना पड़े तो उस बच्चे की हालत क्या होगी उसे श्ब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। 

उन्होंने कहा कि एक तरफ  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी  हैं जिन्होंने स्वच्छ एवं स्वस्थ भारत के लिए देशभर में अभियान चलाया हुआ है जिसके अंतर्गत देश में लाखों शौचालयों का निर्माण किया जा रहा है वहीं इसके विपरीत देश की रजाधानी दिल्ली में आम आदमी पार्टी की केजरीवाल सरकार के पास समय ही नहीं है कि वह दिल्ली के स्कूलों में शौचालयों जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित कर सके जो कि शिक्षा से भी अधिक महत्वपूर्ण है। 

उन्होंने  कहा कि जाने ऐसे कितने स्कूल होंगे जहां शौचालयों की उचित व्यवस्था न हो या फिर लड़कों व लड़कियों के लिए अलग शौचालय व्यवस्था न हो अथवा ऐसे भी स्कूली शौचालय होंगे जो उपयोग लायक ही न हों। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सभी स्कूलों में सर्वे होना चाहिए जिसमें स्कलों में शौचालयों की उपलब्धता, उनकी उपयोगिता तथा सुरक्षा की वास्तिविक स्थिति का पता लगाया जा सके।  यह सर्वे दिल्ली में कार्यरत गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से कराया जा सकता है जो स्कूलों में उपलब्ध शौचालय सुविधाओं का निरीक्षण कर सरकार को वस्तु स्थिति से अवगत करा सकती है तथा सरकार के साथ मिलकर उपलब्ध शौचालयों को उपयोग लायक बनाने में भी सहायता कर सकती है।

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