आयोग ने आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार से मांग जवाब

मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार से जवाब मांगा है।

Update: 2018-05-26 16:31 GMT

भोपाल। मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग ने प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं पर सरकार से जवाब मांगा है। आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक श्योपुर, बालाघाट एवं अलीराजपुर में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच गांवों तक न होने एवं कहीं-कहीं पर उपलब्ध सरकारी अस्पतालों में डाॅक्टरों का अभाव होने से इन क्षेत्रों के आदिवासी झोलाछाप चिकित्सकों से इलाज कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं।

आयोग ने इस संबंध में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य सेवाएं मध्यप्रदेश शासन भोपाल तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्योपुर, बालाघाट तथा अलीराजपुर से चार सप्ताह में प्रतिवेदन मांगा है। 

आयोग का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की इस स्थिति के कारण छोटी-छोटी बीमारियां भी आदिवासियों के लिए जानलेवा साबित हो रही हैं। श्योपुर जिले के कराहल में रहने वाला दस वर्षीय बालक भगवत एक साल से बीमार है।

सरकारी अस्पताल के डाॅक्टर यह नहीं बता पाए कि उसे आखिर क्या बीमारी है। इसी प्रकार बालाघाट जिले के बैहर क्षेत्र में चारपाई पर अस्पताल संचालित होना बताया गया है। वहीं अलीराजपुर के आदिवासी अंचलों में दस रू0 की तीन गोली देकर इलाज का झांसा दिया जाकर आदिवासियों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं। 

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