प्रेसमड से बनाई जाएगी सीएनजी

चीनी मिलों के सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होने वाले प्रेसमड और खेत पर सड़ने योग्य अन्य जैव अपशिष्ट से सीएनजी गैस बनाकर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा सकता है

Update: 2017-07-08 13:45 GMT

लखनऊ।  चीनी मिलों के सह-उत्पाद के रूप में प्राप्त होने वाले प्रेसमड और खेत पर सड़ने योग्य अन्य जैव अपशिष्ट से सीएनजी गैस बनाकर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा सकता है ।

राज्य के अपर मुख्य सचिव, गन्ना एवं चीनी उद्योग संजय भूसरेड्डी ने बताया कि गन्ना पेराई के समय चीनी मिलों से निकलने वाले प्रेसमड और बायोअपशिष्ट का वर्तमान परिवेश में बहुत अधिक महत्व है।

चीनी मिलों से निकलने वाले बायोअपशिष्ट के अलावा खेत में बचे फसल के बचे अवशेष को बेकार समझा जाता था लेकिन अब इन पदार्थों से सीएनजी गैस बनकर उसका व्यवसायिक उपयोग किया जा सकता है ।

उन्होंने कहा कि इसके लिए चीनी मिलों के पदाधिकारियों के साथ किसानों को जागरूक किया जाना जरूरी है।  भूसरेड्डी ने बताया कि इस संबंध कल गन्ना संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में चीनी मिल से निकलने वाले प्रेसमड एवं अन्य गन्ना अपशिष्टों से सी.एन.जी. बनाए जाने के विषय पर विस्तृत से प्रस्तुतीकरण किया गया ।
उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में आगामी 16 से 31 अगस्त के बीच मेरठ, बलरामपुर एवं लखनऊ में गन्ना विभाग राज्य जैव ऊर्जा विकास बोर्ड के साथ सेमीनार आयोजित करेगा, जिसमें सभी संबंधित पक्ष भाग लेंगे।

उन्होंने कहा कि इस कार्य में प्रत्येक चीनी मिल एक गांव को गोद लेकर कर जैव ऊर्जा विकास बोर्ड को सूचित करें, ताकि बोर्ड इन परियोजनाओं के बारे में गांव के किसानों को प्रशिक्षित कर उनके लिये स्थाई आय सृजित किए जा सकें।

उन्होंने कहा कि यह अभिनव प्रयास पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि गन्ना मिलों के सह-उत्पाद और बायो अपशिष्ट का वर्तमान परिवेश में बहुत अधिक महत्व है।
 

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