चिटफंड का बड़ा घोटाला, फर्जी कंपनी चलाने वाले 3 गिरफ्तार
फर्जी कंपनी खोलकर करीबी लोगों से लाखों रूपये जमा कराने तथा जमाकर्ताओं द्वारा पैसे की मांग पर विवाद पर उतर जाने की शिकायत पर चिटफंड का एक बड़ा घोटाला सामने आया
विश्रामपुर। फर्जी कंपनी खोलकर करीबी लोगों से लाखों रूपये जमा कराने तथा जमाकर्ताओं द्वारा पैसे की मांग पर विवाद पर उतर जाने की शिकायत पर चिटफंड का एक बड़ा घोटाला सामने आया है, पुलिस ने दो कंपनियों के तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी के अनुसार सतपता निवासी तनिश टोप्पो पैरोरियलिटी प्रोजेक्ट इंडिया लि.मि.तथा डालफिन इनफ्रा पावर प्रोजेक्ट लि.कंपनी बनाकर निदेशक बन कुरूवां निवासी हरकेश्वर राजवाड़े तथा 2-ए कालोनी निवासी निर्मला तीनों मिलकर कंपनी के नाम पर करीबी लोगों को लोभ-लुभावने जानकारी देकर जीवनी मिंज से लड़के व लड़की के नाम पर 48 एवं 49 हजार जमा करवाये।
इसी प्रकार अमृता केरकेट्टा से 12 हजार, रोनित सिंह 6 हजार, दया बखला से 18 हजार, सतेन्द्र भगत से 30 हजार, नीशू राजवाड़े से 50 हजार, शैलेन्द्र कुमार से 10 हजार, विनय कुमार से 13 हजार, शकुन्तला से 3 हजार, लालबहादुर से 10 हजार, शांति मिंज से 9 हजार, ललित नारायण से 10 हजार, बलराम पोर्ते से 36 हजार, सहित अन्य कई लोगों से कंपनी में राशि जमा करवाई। कंपनी का निदेशक तनिश टोप्पो अपनी पत्नी कलेक्शन करवाता बाकी कुछ लोगों को कंपनी का एजेंट बताकर वसूली कराता।
यहीं तनिश टोप्पो जो कंपनी का निदेशक है उसका कोई व्यवसाय व काम न होने के बाद भी पक्के मकान, नई कार व अन्य रईसी जैसे खर्च पर जब लोगों को शक होने लगा तो असलियत सामने आई। कंपनी का पार्टनर कुरूवां निवासी हरकेश्वर राजवाड़े भी ट्रेक्टर, बाइक आदि खरीदा था। विश्रामपुर निवासी जीवन्ती मिंज ने इसकी शिकायत विश्रामपुर थानों में दी। पुलिस आज जांच उपरांत कंपनी के तीनों कर्ताधर्ता को पकड़ा धारा 420, 34 के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर रिमांड में जेल भेज दिया।