विश्व के आर्थिक विकास में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्रिक्स की : मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अगले 10 वर्षों के लिए व्यापार के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करके उसके क्रियान्वयन को लेकर आपसी सहयोग पर एक ब्लू प्रिंट बनाए जाने की जरूरत है
ब्रासिलिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अगले 10 वर्षों के लिए व्यापार के प्रमुख क्षेत्रों की पहचान करके उसके क्रियान्वयन को लेकर आपसी सहयोग पर एक ब्लू प्रिंट बनाए जाने की जरूरत है। श्री मोदी ने गुरुवार को ब्राजील की राजधानी ब्रासिलिया में कल से शुरू दो दिवसीय ब्रिक्स बिजनेस फोरम को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी के बावजूद ब्रिक्स देशों ने आर्थिक विकास को आगे बढ़ाया है और करोड़ों लोगों को गरीबी से मुक्त किया है।
भारत में सबसे अधिक खुला और व्यापार अनुकूल माहौल है। उन्होंने कहा, ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और निवेश करने का लक्ष्य और बड़ा होना चाहिए। हमारे बीच व्यापार पर होने वाले खर्च में कमी किये जाने का आपका सुझाव हमारे लिए लाभकारी होगा। अगले 10 वर्षों के लिए प्रमुख व्यापार क्षेत्रों की पहचान करके आपसी सहयोग पर एक ब्लू प्रिंट बनाया जाये तो अच्छा होगा। उन्होंने कहा कि अगर ब्रिक्स के किसी देश ने कोई तकनीक विकसित की तो अन्य सहयोगी देश उसके लिए कच्ची सामग्री अथवा बाजार उपलब्ध करवा सकते हैं।
मोदी ने कहा, अगला ब्रिक्स सम्मेलन होने से पहले हमें अपनी प्राथमिकता के आधार पर कम से कम ऐसे पांच क्षेत्रों की पहचान कर लेनी चाहिए जिसमें हम संयुक्त व्यापार को बढ़ावा दे सकेें। श्री मोदी ने सम्मेलन के इतर ब्राजील के राष्ट्रपति जायर बोल्सोनारो, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय मुलाकात की। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में मौजूदा आर्थिक सुस्ती के बावजूद ब्रिक्स के ये पांच देश वैश्विक अर्थव्यवस्था को गति दे रहे हैं।
उन्होंने श्री बोल्सोनारो को वर्ष 2020 के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आने का निमंत्रण दिया। मोदी ने शहरी क्षेत्रों में सतत जलप्रबंधन और स्वच्छता को महत्वपूर्ण चुनौतियां बताते हुए कहा, मैं भारत में ब्रिक्स जल मंत्रियों की पहली बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव करता हूं। उन्होंने इस बात पर खुशी इजहार किया कि ब्रिक्स की आतंकवाद निरोधक रणनीतियों पर पहली संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
उन्होंने आशा जतायी कि ऐसे प्रयासों और पांच कार्य समूह की गतिविधियां आतंकवाद और दूसरे संगठित अपराध के खिलाफ सशक्त ब्रिक्स सुरक्षा सहयोग बढ़ाएंगीं। उन्होंने कहा कि वीजा, सामाजिक सुरक्षा करार और अर्हताओं की परस्पर मान्यता से हम पांच देशों के लोगों को परस्पर यात्रा और काम के लिए और अनुकूल माहौल मिलेगा।