बोधगया : विस्फोट के दोषियों को सजा मिलने पर बौद्ध भिक्षुओं ने की विशेष प्रार्थना
बांग्लादेशी महाविहार के प्रभारी भंते प्रियपाल ने बताया कि बोधगया के अंतर्राष्ट्रीय साधना केंद्र में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया
गया। बौद्ध धर्मावलंबियों के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बोधगया के महाबोधि मंदिर परिसर में करीब पांच साल पहले हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत द्वारा शुक्रवार को सभी पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने से 'ज्ञानस्थली' के बौद्ध भिक्षुओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। भविष्य में ऐसी घटना कहीं नहीं हो और विश्व शांति के लिए यहां शुक्रवार को विशेष प्रार्थना की गई। बौद्ध भिक्षुओं ने बोधगया स्थित विभिन्न देशी-विदेशी महाविहारों में प्रार्थना और पूजा की।
बौद्ध भिक्षुओं ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न केवल इस जगह, बल्कि कहीं नहीं हो, अवलोकितेश्वर से यही प्रार्थना है।
बांग्लादेशी महाविहार के प्रभारी भंते प्रियपाल ने बताया कि बोधगया के अंतर्राष्ट्रीय साधना केंद्र में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें दुनियाभर में शांति की स्थापना की कामना की गई।
उन्होंने कहा कि महाबोधि मंदिर और पवित्र बोधिवृक्ष के नीचे बम विस्फोट कर अहिंसा फैलाने का जो कुत्सित प्रयास कुछ लोगों के द्वारा किया गया, वह कहीं से भी सही नहीं है।
महाबोधि मंदिर के गर्भगृह में भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष विश्वशांति के लिए प्रार्थना की गई।
उल्लेखनीय है कि सात जुलाई 2013 की सुबह महाबोधि मंदिर में एक के बाद एक धमाके हुए थे, जिससे पूरा क्षेत्र दहल गया था। इस धमाके में एक तिब्बती बौद्ध भिक्षु और म्यांमार के तीर्थ यात्री घायल हो गए थे।
मान्यता है कि महाबोधि मंदिर परिसर स्थित बोधिवृक्ष के नीचे ही भगवान गौतम बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यहां प्रतिवर्ष लाखों देशी और विदेशी पर्यटक आते हैं।