भाजपा कार्यकर्ताओं ने केजरीवाल को डिस्पेंसरी का दौरा करने से रोका
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर उन्हें राज्य के असंध विधानसभा क्षेत्र में एक डिस्पेंसरी में जाने से रोकने का आरोप लगाया
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर उन्हें राज्य के असंध विधानसभा क्षेत्र में एक डिस्पेंसरी में जाने से रोकने का आरोप लगाया। केजरीवाल ने मीडिया से कहा, "भाजपा कार्यकर्ताओं ने गांव तक पूरे मार्ग को ट्रैक्टर और ट्रालियों से बाधित कर दिया। पुलिस यह कह रही है कि वह इन बाधाओं को हटाने में सक्षम नहीं है। यह स्पष्ट दिखाता है कि खट्टर डरे हुए हैं और यह घटना सत्ता में उनकी उल्टी गिनती शुरू होने का द्योतक है।"
डिस्पेंसरी का दौरा करने के बाद केजरीवाल को रैली संबोधित करनी थी, लेकिन इस घटना के बाद उन्होंने गेस्ट हाउस से टेलीफोन से लोगों को संबोधित किया।
उन्होंने कहा, "हमने दिल्ली में केवल तीन वर्ष पूरा किया है, खट्टर ने हरियाणा में चार वर्ष पूरा किया है। दिल्ली में स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति काफी अच्छी है और लोग काफी खुश हैं। दूसरी तरफ, हरियाणा के अस्पतालों की हालत खराब है। गरीब लोग खुश नहीं हैं, क्योंकि इलाज के वास्ते जाने के लिए उनके पास कोई जगह नहीं है।"
केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तानी जांचकर्ताओं को यहां आने की इजाजत देती है, लेकिन उन्हें लोगों के निमंत्रण के बावजूद अस्पताल देखने की इजाजत नहीं दी गई।
आप ने पोस्टर लिए सड़क किनारे बैठे एक व्यक्ति की तस्वीर साझा की, जिसमें लिखा था, 'केजरीवाल वापस जाओ।' इसके साथ ही पार्टी ने भाजपा सरकार पर राज्य में उसके द्वारा लगाए गए पोस्टर और होर्डिग को हटाने का आरोप लगाया।
आप ने ट्वीट किया, "ट्रैक्टर और अन्य वाहनों द्वारा सड़क को अवरुद्ध किया गया। यह हरियाणा में आम आदमी पार्टी प्रमुख को प्रवेश करने से रोकने का एक हताशा भरा प्रयास था। हरियाणा में भाजपा सरकार केजरीवाल के दौरे को लेकर नर्वस मोड में थी।"
केजरीवाल ने दो नवंबर को खट्टर को पत्र लिखकर दिल्ली में आप सरकार द्वारा स्थापित मोहल्ला क्लीनिक का दौरा करने का निमंत्रण दिया था और इसके साथ ही उन्होंने हरियाणा में स्थापित डिस्पेंसरी का दौरा करने की इच्छा भी जताई थी। उन्होंने कहा कि हालांकि खट्टर की तरफ से कोई जवाब नहीं मिला, लेकिन वह ग्रामीणों के निमंत्रण पर राज्य का दौरा करना चाहते थे।