प्रदेश में भाजपा का अकाली दल से कोई गठबंधन नहीं:बराला

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हरियाणा इकाई के प्रधान सुभाष बराला ने कहा है कि विधानसभा चुनाव को लेकर अकाली दल (बादल )से फिलहाल कोई गठबंधन नहीं है तथा न ही इसको लेकर कोई चर्चा या बैठक हुई है। 

Update: 2019-09-04 16:34 GMT

सिरसा । भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हरियाणा इकाई के प्रधान सुभाष बराला ने कहा है कि विधानसभा चुनाव को लेकर अकाली दल (बादल )से फिलहाल कोई गठबंधन नहीं है तथा न ही इसको लेकर कोई चर्चा या बैठक हुई है। 

 बराला ने आल यहां पत्रकारों से कहा कि अकाली दल हमारा सहयोगी दल है तथा उसने लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों का सहयोग भी किया था। इससे पहले उन्होंने मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा के आगमन को लेकर पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करते हुए अलग-अलग ड्यूटियां निर्धारित की। इस दौरान प्रदेशाध्यक्ष ने सिरसा के वरिष्ठ चिकित्सक व कांग्रेस नेता डॉ.अमर सिंह सिद्धू को पार्टी का पटका पहनाकर पार्टी की सदस्यता दी और कहा कि इन्हें पार्टी में पूरा मान सम्मान दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में 10 से 14 सितंबर तक पन्ना प्रमुख सदस्यता अभियान छेड़ा जाएगा। अब से पहले प्रदेश में तीन लाख पन्ना प्रमुखों का पंजीकरण हो चुका है,अब ये पन्ना प्रमुख घर द्वार जाकर नये सदस्य बनाएंगे। जन आशीर्वाद यात्रा को अप्रत्याशित जनसमर्थन प्रदेश में मिला है,भाजपा ने ऐसी कल्पना नहीं की थी। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में पहली बार ऐसा होगा कि गैर कांग्रेस संगठन की निरंतर दूसरी बार सरकार बनने जा रही है। 

 बराला ने विपक्षी दलों के महागठबंधन के सवाल पर कहा कि हरियाणा में अब से पहले गठबंधन भी छह माह से ज्यादा नहीं चले तो महागठबंधन कैसे चल पाएगा। महागठबंधन मात्र मीडिया तक सीमित है। उन्होंने महागठबंधन की बात को दूसरे दलों व नेताओं का अवसरवादी कदम बताया। उन्होंने कहा कि कुछ पार्टियां अपना अस्तित्व बचाने के लिए महागठबंधन की बातें कर रही हैं। 

उन्होंने इनेलो व कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आप व जेजेपी,बहुजन समाज पार्टी व लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी के गठबंधन के थोड़े ही समय में टूट जाने का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा परिवारवाद की राजनीति के अलावा बेरोजगारों को रोजगार,भ्रष्टाचार समाप्ति,किसानों का बैंक बज माफी व मजदूरों को पैंशन सरीखी योजनाओं के साथ-साथ कश्मीर में धारा 370 हटाने को भी मुद्दा बनाएगी। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश संगठन ने काफी हद तक उम्मीदवारों को लेकर काम कर लिया है। आगे चुनाव समिति इस पर अपना काम करेगी। अबकी बार विधानसभा चुनाव में पन्ना प्रमुखों की अह्म भूमिका रहेगी। 

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