भाजपा सरकार राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए लागू करना चाहती है एनआरसी : दीपंकर

भारत की कम्युनिस्ट मार्क्सवादी-लेनिनवादी के राष्ट्रीय महासचिव भट्टाचार्य ने आज समस्तीपुर मे पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार को आगाह किया कि देश में एनआरसी लागू करने के घातक परिणाम होंगे

Update: 2020-02-03 03:07 GMT

समस्तीपुर। भारत की कम्युनिस्ट मार्क्सवादी-लेनिनवादी (भाकपा-माले) के राष्ट्रीय महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए देश में राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (एनआरसी) लागू करने का आरोप लगाते हुए आज कहा कि यह देश को बांटने की साजिश है।

श्री भट्टाचार्य ने आज समस्तीपुर मे पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्र सरकार को आगाह किया कि देश में एनआरसी लागू करने के घातक परिणाम होंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार अपने राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए एनआरसी लागू कराना चाहती है, जो देश को बांटने की साजिश है। उन्होंने कहा कि लागू किया जा रही राष्ट्रीय जनसंख्या पंजी (एनपीआर) एनआरसी का ही दूसरा रूप है, जो लोगों के लिए बड़ा खतरा है।

भाकपा-माले महासचिव ने बताया कि केंद्र की मोदी सरकार ने असम में एनआरसी का प्रयोग किया, जिसके कारण आज असम मे लोग तबाह हैं। उन्होंने कहा कि एनआरसी के कारण करीब 19 लाख लोग असम से बाहर हो गए हैं, जिनमें लगभग पांच लाख मुसलमान और 14 लाख हिन्दू शामिल हैं।

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