बिहार : मजदूर दिवस पर घरों में उपवास करेंगे राजद नेता
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अन्य राज्यों में फंसे बिहार मजदूरों को लाने की मांग और राशन वितरण में हो रही धांधली को लेकर मजदूर दिवस के दिन यानी एक मई को उपवास पर बैठने की घोषणा की
पटना । कोरोना वायरस के संक्रमण के दौर में भी बिहार में राजनीति जारी है। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अन्य राज्यों में फंसे बिहार मजदूरों को लाने की मांग और राशन वितरण में हो रही धांधली को लेकर मजदूर दिवस के दिन यानी एक मई को उपवास पर बैठने की घोषणा की है।
राजद के नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निषाना साधते हुए ट्वीट कर काव्यात्मक लहजे में लिखा, "पांच ही तो काम करने थे बिहार सरकार को इस महासंकट में। 'अप्रवासी मजदूरों की घर बुलाई, चुप कराना भूखे बच्चों की रुलाई, हर बिहारी को राशन और दवाई, सरकार इतना भी नहीं कर पाई।' आपकी बहानेबाजी में 35 दिन बीत गए अब अप्रवासी कामगारों को अविलंब वापस बुलाओ।"
पाँच ही तो काम करने थे बिहार सरकार को इस महासंकट में।
“अप्रवासी मज़दूरों की घर बुलाई
चुप कराना भूखे बच्चों की रुलाई
हर बिहारी को राशन और दवाई
सरकार इतना भी नहीं कर पाई”
आपकी बहानेबाज़ी में 35 दिन बीत गए अब अप्रवासी कामगारों को अविलंब वापस बुलाओ।
तेजस्वी ने एक मई को उपवास करने की घोषणा करते हुए ट्वीट करते हुए लिखा, "राजद द्वारा बिहार सरकार की मजदूरों के प्रति अमानवीय नीतियों, गरीबों के राशन कार्ड एवं राशन वितरण में हो रही धांधलियों के विरुद्घ 1 मई, अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर अपने-अपने घरों से सांकेतिक उपवास और सुबह 10 से 12 बजे तक शारीरिक दूरी बनाते हुए अनशन के जरिए विरोध प्रकट किया जाएगा।"
राजद द्वारा बिहार सरकार की मज़दूरों के प्रति अमानवीय नीतियों,ग़रीबों के राशन कार्ड एवं राशन वितरण में हो रही धाँधलियों के विरुद्ध 1 मई,अंतरराष्ट्रीय मज़दूर दिवस पर अपने-अपने घरों से सांकेतिक उपवास और सुबह 10 से 12 बजे तक शारीरिक दूरी बनाते हुए अनशन के ज़रिए विरोध प्रकट किया जाएगा
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में लिखा, "असंवेदनशील, निकम्मी और क्रूर बिहार सरकार की प्रशासनिक विफलता के कारण 25 लाख अप्रवासी बिहारीवासी बाहर फंसे हैं। 35 दिन बाद भी उन्हें वापस बुलाने की कोई समग्र योजना व वैकल्पिक उपाय नहीं है। इस गूंगी, अंधी और बहरी सरकार का मुंह, आंख और कान खोलने के लिए हम सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन करेंगे।"
असंवेदनशील,निकम्मी और क्रूर बिहार सरकार की प्रशासनिक विफलता के कारण 25 लाख अप्रवासी बिहारीवासी बाहर फँसे है। 35 दिन बाद भी उन्हें वापस बुलाने की कोई समग्र योजना व वैकल्पिक उपाय नहीं है। इस गूँगी,अँधी और बहरी सरकार का मुँह,आँख और कान खोलने के लिए हम सांकेतिक विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
तेजस्वी ने लोगों से भी अपने घरों में उपवास करने की अपील की है।