2018 में बिहार की राजनीति साख मजबूत बनाने को जूझती रही
लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सजा सुनाये जाने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के हमलावर रुख से जनवरी 2018 की रिकॉर्ड ठंड में गरमाई बिहार की राजनीति
पटना । राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को चारा घोटाला मामले में सजा सुनाये जाने के बाद सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के हमलावर रुख से जनवरी 2018 की रिकॉर्ड ठंड में गरमाई बिहार की राजनीति उप चुनाव, भागलपुर-दरभंगा उपद्रव एवं मुजफ्फरपुर बालिका अल्पावास गृह यौन शोषण मामले पर विपक्ष के पलटवार से लेकर राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (रालोसपा) प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के पाला बदलने तक लगातार गर्म रही और पूरे साल अपनी साख मजबूत बनाये रखने को जूझती रही।
राजद अध्यक्ष यादव के चारा घोटाला मामले में झारखंड के रांची जेल में बंद होने से वर्ष 2018 के पहले दिन (01 जनवरी) जहां उनके पटना स्थित आवास पर सन्नाटा पसरा रहा वहीं इसको लेकर भाजपा और जदयू हमलावार रहे। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने अपनी पार्टी के ‘कांग्रेस मुक्त भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुये कहा कि राज्य के लोगों को जल्द ही ‘लालटेन’(राजद का चुनाव चिन्ह) से छुटकारा मिल जाएगा। इतना ही नहीं उन्होंने यादव को आदतन अपराधी एवं जेल यात्री बताया और कहा कि वह कभी सुधरने वाले नहीं हैं तथा चारा घोटाले में एक बार सजा होने के बाद भी उन्होंने हजार करोड़ रुपये की बेनामी सम्पत्ति जमा कर ली है। वहीं, जदयू ने राजद की राजनीति के खात्मे की घोषणा करते हुये कहा कि राज्य को अराजकता की आग में झोंकने वाले लालू प्रसाद यादव एवं उनके परिवार की अब प्रदेश की सत्ता में कभी वापसी नहीं हो सकेगी।
राजद अभी जवाब देने की तैयारी ही कर रहा था कि 06 जनवरी को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने यादव को चारा घोटाले के एक मामले (देवघर कोषागार से अवैध निकासी के नियमित मामले 64ए/96) में साढ़े तीन वर्ष कारावास की सजा सुना दी। राजनीतिक गलियारे में यह चर्चा गर्म हो गई कि श्री यादव के बाद राजद का क्या होगा। इसी बीच अघोषित रूप से कमान संभालते हुये राजद प्रमुख के छोटे पुत्र तेजस्वी यादव ने भाजपा और जदयू पर नकारात्मक राजनीति करने का आरोप लगाते हुये कहा कि इसी का नतीजा है कि लालू प्रसाद यादव झूठे मामले में जेल में हैं। उन्होंने जनता की अदालत में विश्वास दिखाया और कहा कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में जनता इसका करारा जवाब देगी।
प्रतिपक्ष के नेता ने कहा कि राजद अध्यक्ष के जेल जाने के बाद कुछ लोगों के पेट में इस बात को लेकर दर्द हो रहा है कि राजद का क्या होगा लेकिन पार्टी पर जब भी संकट आया है तो कार्यकर्ता और नेता पूरी एकजुटता के साथ सामने आये हैं। कुछ लोग भले ही यादव के जेल जाने से खुश हो लेकिन उनके लिए ‘काल अभी जन्मा है।’वहीं, यादव की पत्नी एवं बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने कहा कि सत्ता पक्ष ने घबराकर राजद अध्यक्ष और उनके परिवार के खिलाफ झूठा मुकदमा करवाया है।