ललित सुरजन की कलम से यह तो पहिला फेरबदल है
होशियारपुर के दलित सांसद विजय सांपला को मंत्री बनाने से यही संकेत मिलता है।;
'एक तरफ बिहार और झारखंड पर प्रधानमंत्री की निगाह है, तो दूसरी तरफ असंदिग्ध विजय से उपजा आत्मविश्वास उन्हें एनडीए के घटक दलों से किनाराकशी करने के लिए संभवत: प्रेरित कर रहा है। उनसे और शिवसेना के बीच तो संबंध विच्छेद हो ही चुका है, अब अगली बारी शायद अकाली दल की हो सकती है। होशियारपुर के दलित सांसद विजय सांपला को मंत्री बनाने से यही संकेत मिलता है। वे इसके पूर्व हरियाणा के विधानसभा चुनावों में डेरा सच्चा सौदा के गुरु का साथ ले ही चुके हैं, जिनका शिरोमणि अकाली दल से बैर सर्वविदित है। भाजपा संविद के दिनों से ही धीरे-धीरे कर गठबंधन सहयोगियों को खत्म करते आई है। इसलिए कल को यदि वह अकाली दल से भी नाता तोड़ लें तो आश्चर्य नहीं होगा।
(देशबन्धु में 13 नवंबर 2014 को प्रकाशित)
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