सभी सांसद बिजली (संशोधन) विधेयक का विरोध करें: एआईपीईएफ

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने सभी सांसदों से आग्रह किया है कि वे कठोर प्रावधान वाले जनविरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2020 का विरोध करें।

Update: 2020-09-14 15:12 GMT

जालंधर । ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने सभी सांसदों से आग्रह किया है कि वे कठोर प्रावधान वाले जनविरोधी बिजली (संशोधन) विधेयक 2020 का विरोध करें।

फेडरेशन के प्रवक्ता विनोद कुमार गुप्ता ने सोमवार को यहां कहा कि एआईपीईएफ ने सभी सांसदों को पत्र लिखकर कहा है कि संसद के मानसून सत्र के दौरान बिजली (संशोधन) विधेयक 2020 संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि कई राज्य पहले ही विधेयक में उन मुद्दों की संख्या पर गंभीर आपत्तियां उठा चुके हैं, जिनका मसौदा विधेयक में समाधान नहीं किया गया है। ऐसी परिस्थितियों में उन्हें विधेयक पर गंभीर आपत्तियां होनी चाहिए। इसके अलावा इस विधेयक को ऊर्जा संबंधी स्थायी समिति के पास भेजा जाना चाहिए जैसा कि विधेयक 2014 के समय किया गया था।

श्री गुप्ता ने कहा कि बिजली एक समवर्ती विषय है जबकि संशोधन विधेयक केंद्र की कोशिश है कि उनकी सहमति के बिना राज्यों पर अपनी इच्छा थोपी जाए। विधेयक में टैरिफ में सब्सिडी खत्म करने और बिजली की लागत के आधार पर नया टैरिफ लागू करने का प्रस्ताव है। इससे घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं का टैरिफ अवहनीय हो जाएगा। बिजली का डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी), सब्सिडी से किसानों पर बुरा असर पड़ेगा। केंद्र चाहता है कि केंद्र द्वारा निर्धारित की जाने वाली टैरिफ नीति के अधीन राज्य विद्युत नियामक आयोगों (एसईआरसी) को अधीन बनाकर बिजली टैरिफ संबंधी हुक्म दिया जाए।

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