दिल्ली पुलिस के केस दर्ज करने के बाद ग्रेटा थनबर्ग ने किया ये ट्वीट..

देश की राजधानी दिल्ली में किसान आंदोलन पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से जारी है

Update: 2021-02-04 17:57 GMT

नई दिल्ली। देश की राजधानी दिल्ली में किसान आंदोलन पिछले दो महीने से भी ज्यादा समय से जारी है। पहले इस आंदोलन को खत्म करने के लिए राजनीतिक रणनीति बनाई गई और फिर कानूनी तरीके से इसे खत्म करने का प्रयास किया गया और अब इस आंदोलन के पीछे विदेशी ताकत होने की बात पर जोर दिया जा रहा है।

दरअसल पिछले कुछ दिनों से कई अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों ने भारत में जारी किसान आंदोलन को लेकर ट्वीट किए। इन हस्तियों में पॉप गायक रिहाना, अमेरिकी उप-राष्ट्रपति की भतीजी मीना हैरिस और पर्यावरण एक्टिविस्ट ग्रेटा थनबर्ग शामिल हैं। इन सब के बीच ग्रेटा थनबर्ग के एक ट्वीट को लेकर सियासत शुरु हो गई है। 

ग्रेटा थनबर्ग के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने FIR भी दर्ज कर ली है। जी हां कृषि कानूनों को लेकर स्‍वीडिश मूल की ग्रेटा की ओर से किए गए ट्वीट को लेकर यह एफआईआर दर्ज की गई है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने सेक्शन 153A और 120B के तहत यह केस दर्ज किया है। दरअसल ये कहा जा रहा है कि ग्रेटा ने पहले एक ट्वीट किया था जिसमें वह इस आंदोलन के सपोर्ट में लोगों को कब और क्या करना है ये बता रही थी। हालांकि बाद में उन्होंने ये ट्वीट डिलीट कर दिया। अब इस ट्वीट के बाद से ही भारत से लेकर स्वीडन तक में सियासत शुरु हो गई है। 

We stand in solidarity with the #FarmersProtest in India.
https://t.co/tqvR0oHgo0

— Greta Thunberg (@GretaThunberg) February 2, 2021

खैर दिल्ली पुलिस के एफआईआर के बाद भी ग्रेटा थनबर्ग का स्टांड वहीं है और ये अबी भी किसानों के समर्थन में खड़ी हैं।  उन्‍होंने एक नया ट्वीट करते हुए किसानों के प्रति अपना समर्थन दोहराया। उन्‍होंने ट्वीट में लिखा, 'मैं अभी भी किसानों के समर्थन में खड़ी हूं और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन को समर्थन करती हूं। नफरत, धमकी या मानवाधिकारों का उल्‍लंघन इसे बदल नहीं सकेगा। #FarmersProtest

I still #StandWithFarmers and support their peaceful protest.
No amount of hate, threats or violations of human rights will ever change that. #FarmersProtest

— Greta Thunberg (@GretaThunberg) February 4, 2021

आपको बता दें कि इस पर अब आंदोलन कर रहे किसानों की भी टिप्पणी आनी शुरु हो गई है तो वहीं सरकार ने इसे देश का आंतरिक मामला बताते हुए टिप्पणी न करने की सलाह दी है। 

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