अस्पताल अग्निकांड के बाद से आरोपी डॉक्टर गायब, पुलिस पर चौतरफा दबाव
राजधानी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक हफ्ते पहले हुए अग्निकांड में छह कोरोना मरीजों में से एक की जलने और 5 की दम घुटने से हुई मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन की तफ्तीश कछुए की चाल की तरह चल रही है
रायपुर। राजधानी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में एक हफ्ते पहले हुए अग्निकांड में छह कोरोना मरीजों में से एक की जलने और पांच की दम घुटने से हुई मौत के मामले में पुलिस और प्रशासन की तफ्तीश कछुए की चाल की तरह चल रही है।
टिकरापारा थाना पुलिस ने भले ही अस्पताल के संचालक डाक्टरों पर लापरवाही बरतने का केस दर्ज किया हैए लेकिन अभी तक एफआईआर में एक भी आरोपी डाक्टरों के नाम शामिल नहीं किए है। घटना के बाद से ही डाक्टर और जिम्मेदार गायब हैं। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर संचालकों के नाम अग्निकांड की वजह आग से बचाव के लिए किए गए प्रबंध आदि की जानकारी मांगी थी। लेकिन चार दिन गुजर जाने के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिली। इससे साफ है कि अस्पताल प्रबंधन पुलिसिया कार्रवाई को लेकर बेफ्रिक है।
जानकारों का दावा है कि अस्पताल का संचालन कांग्रेस के एक विधायक करते हैं हालांकि स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में पांच डाक्टरों के नाम है। इस बारे में पूछने पर पुलिस अफसरों का कहना है कि फिलहाल अस्पताल का संचालन किसी विधायक द्वारा करने की जानकारी सामने नहीं आई है। दस्तावेज मिलने के बाद ही संचालकों के नाम सामने आएंगे।
जानकार सूत्रों ने बताया कि पचपेढ़ी नाका स्थित राजधानी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का संचालन कर रहे पांच डाक्टरों का नाम स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुलिस को बताए गए हैं बावजूद इसके अभी तक दर्ज एफआईआर में एक का भी नाम शामिल नहीं किया है। केस दर्ज होने के बाद से अस्पताल से जुड़े डा.सचिन माल डा.संजय जाधवानी डाविनोद लालवानी और डा.आनिंदो राय पुलिस के सामने नहीं आए है। चर्चा है कि मामले को रफा.दफा करने पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग पर चौतरफा दबाव बनाया जा रहा है।
हालांकि पुलिस अधिकारी इससे साफ कर रहे हैं। उनका कहना है कि जांच चल रही है। जांच में जो भी अग्निकांड में दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। प्रथम दृष्टया मामला लापरवाही बरतने का है।
दो और मरीजों के दर्ज हुए बयान
टिकरापारा पुलिस थाना प्रभारी संजीव मिश्रा ने बताया कि दो और प्रभावित मरीजों का बयान दर्ज किया गया है। कल तक अस्पताल प्रबंधन की तरफ से नोटिस का जवाब मिलने की उम्मीद है। एक.दो दिनों के भीतर स्वास्थ्य विभाग फायर सेफ्टी,बिजली विभाग की टीम के साथ अस्पताल जाकर निरीक्षण किया जाएगा।