21वीं सदी में देश में एक अलग स्तर की वैज्ञानिक सोच: मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि देश में 21वीं सदी में वैज्ञानिक सोच, विशेष रूप से युवा लोगों के बीच, एक अलग स्तर पर है और इसके लिए सही मंच प्रदान करना बहुत महत्वपूर्ण है।

Update: 2019-11-05 19:19 GMT

कोलकाता । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कहा कि देश में 21वीं सदी में वैज्ञानिक सोच, विशेष रूप से युवा लोगों के बीच, एक अलग स्तर पर है और इसके लिए सही मंच प्रदान करना बहुत महत्वपूर्ण है।

 मोदी ने यहां वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विश्व बांगला कन्वेंशन सेंटर में आधिकारिक रूप से भारत अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ), 2019 का उद्घाटन किया। श्री मोदी ने इस वर्ष के महोत्सव के लिए चुने गये ‘राइजेन इंडिया-रिसर्च, इनोवेशन, और साइंस एम्पावरिंग द नेशन’ विषय की सराहना की।

उन्होंने कहा कि आईआईएसएफ 2019 का आयोजन एक ऐसे शहर में किया जा रहा है जहां ऐसे व्यक्तियों का जन्म हुआ है जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने योगदान के जरिये मानवता की सेवा की है। उन्होंने कहा कि महोत्सव का समय इससे अधिक उपयुक्त नहीं हो सकता क्योंकि महान वैज्ञानिक सीवी रमन की जयंती सात नवंबर और जगदीश चंद्र बोस की जयंती 30 नवंबर को पड़ती है।

 मोदी ने उपस्थित छात्रों से अनुरोध किया कि वे उन तरीकों के बारे में सोचें जिनसे विज्ञान का उपयोग लोगों का दैनिक जीवन आसान बनाने में किया जा सके। उन्होंने कहा कि आगे का रास्ता अंतरराष्ट्रीय मानकों और नियमों को ध्यान में रखते हुए ‘दीर्घावधि लाभ, दीर्घावधि समाधान’ होना चाहिए।

आईआईएसएफ 2019 एक चार दिवसीय आयोजन होगा जहां प्रतिभागी चार विश्व रिकॉर्ड के लिए प्रयास करेंगे।

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