24 बिल्डरों को नोटिस जारी कर मांगा जवाब
प्राधिकरण द्वारा निवेशकों की समस्या सुलझाने के लिए दो माह तक लगातार बिल्डर व निवेशकों के साथ बैठकों का दौर जारी रहा
नोएडा। प्राधिकरण द्वारा निवेशकों की समस्या सुलझाने के लिए दो माह तक लगातार बिल्डर व निवेशकों के साथ बैठकों का दौर जारी रहा। इस दौरान प्राधिकरण ने बिल्डरों को एक नियत समय में टावर वाइस निर्माण जानकारी देने को कहा था। लेकिन 24 बिल्डरों ने इस फरमान को ठेंगा दिखाते हुए प्राधिकरण में एक भी दस्तावेज जमा नहीं किए। लिहाजा प्राधिकरण ने सभ 24 बिल्डरों को नोटिस जारी करत हुए जवाब मांगा है। यदि बिल्डर जवाब नहीं देते तो इनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी।
गौरतलब है कि प्रदेश सरकार द्वारा प्राधिकरण को स्पष्ट कहा गया था कि वह निवेशकों को मकानों पर जल्द से जल्द कब्जे दिलाए। इसके लिए प्राधिकरण ने बिल्डरों के साथ निवेशकों की बैठकों का दौर शुरू किया। एक दिन में दो बिल्डर निवेशकों के साथ बैठक की गई। जिसमे बिल्डर व निवेशक दोनों का पक्ष सुना गया। साथ ही बिल्डर से लिखित रूप में एक सप्ताह में कार्ययोजन का मांगी गई।
प्राधिकरण ने स्पष्ट कहा कि बिल्डर अपनी कार्ययोजना की एक कांपी वेबसाइट पर भी अपलोड करे। लेकिन 24 बिल्डरों ने प्राधिकरण के इन निर्देशों का पालन नहीं किया। सभी को नोटिस जारी किया गया है।
इन बिल्डरों में यूनीटेक लिमिटेड, एसडीएस इंफ्राटेक, लारिएट बिल्डवेल, अंतरिक्ष, कलरफुल स्टेट, सुपरटेक, ओरियन इंफ्रारबेल्ट, शनसाइन, एसोटेक लिए स्काईटेक, पेबल्स प्रोलीज, थ्री प्लेटनिनम, यूनीटेक लिमिटेड, रेडफोर्ट जहागीर लिमिटेड, क्लाउड-9 प्रोजेक्ट लिमिटेड, डिवाइन इंडिया, लाजिक्स इंफ्राटेक, गार्डिनिया इंडिया, फ्यूटेक सेल्टर्स, अजनारा इंडिया लिमिटेड, एमपीजी रियाएलटी प्रालि टूडे होम्स लिए किंडल इंफ्राहाइट प्रालि लिमटेड इन सभी बिल्डरों ने निवेशकों के साथ बैठक की। लेकिन अभी तक किसी भी बिल्डर ने लिखित रूप में अपनी कार्ययोजना प्राधिकरण में जमा नहीं की है।
फिलहाल प्राधिकरण ने इन सभी को नोटिस भेजकर समय मांगा है।