टीएमसी का मतलब भ्रष्टाचार, ईडी की कार्रवाई ने सच उजागर किया: केया घोष
पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई की प्रवक्ता केया घोष ने भ्रष्टाचार के आरोपों, टीएमसी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई, ममता बनर्जी के विवादों पर तीखी टिप्पणी की।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई की प्रवक्ता केया घोष ने भ्रष्टाचार के आरोपों, टीएमसी के खिलाफ ईडी की कार्रवाई, ममता बनर्जी के विवादों पर तीखी टिप्पणी की।
पीएमएलए के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा टीएमसी के 440 करोड़ रुपए के बैंक डिपॉजिट को फ्रीज करने पर भाजपा नेता केया घोष ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि हम कहते थे कि तृणमूल का मतलब चोर है, लेकिन पश्चिम बंगाल और भारत के लोगों को भी यह पता होना चाहिए कि तृणमूल ने कितना भ्रष्टाचार किया है।
उन्होंने कहा कि पिछले 15 सालों में इस बुआ-भतीजे की पार्टी ने कितना फ्रॉड किया है। अब सुनने में आ रहा है कि उनके पार्टी फंड को ईडी ने फ्रीज कर दिया है, और उस फंड का भी गलत इस्तेमाल करके चॉपर खरीदे गए।"
केया घोष कहती हैं, "एजेंसी इस मामले की जांच कर रही है, और पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) के जरिए हम तृणमूल पर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाते रहे हैं। एक-दो दिन में कोर्ट में सुनवाई होगी। लोगों को पता चलना चाहिए कि बुआ-भतीजे वाली तृणमूल पार्टी ने कितना बड़ा भ्रष्टाचार किया है।"
टीएमसी के छात्र संगठन की तरफ से निकाली गई रैली में 'चोर-चोर' के नारे लगे और अंडे फेंके गए। टीएमसी ने भाजपा पर इस घटना का आरोप लगाया है। इस पर केया घोष ने कहा कि ममता बनर्जी का राजनीतिक व्यक्तित्व है। ऐसे में उन्हें पता चलना चाहिए कि जनता ने टीएमसी को नकार दिया है। टीएमसी अब इतिहास के पन्नों में दिखेगी। टीएमसी के नेताओं ने जिन लोगों को कई साल तक डराया-धमकाया है, वह कहीं भी रास्ते में इन लोगों को देखेंगे तो ऐसा ही बर्ताव करेंगे।
वहीं, ममता बनर्जी ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि राम का नाम बदनाम न करें। इस पर पलटवार करते हुए केया घोष ने कहा कि कभी राम नाम उनको गाली लगता था, आज वह राम नाम ले रही हैं। असल में यही परिवर्तन है, सुनकर अच्छा लगा।


