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बैंक खाते फ्रीज करना राजनीतिक प्रतिशोध, चुनाव आयोग को दिए गए सभी चंदा विवरण: टीएमसी

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पार्टी के बैंक खातों को कथित रूप से फ्रीज किए जाने के मुद्दे पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित कदम बताया है

बैंक खाते फ्रीज करना राजनीतिक प्रतिशोध, चुनाव आयोग को दिए गए सभी चंदा विवरण: टीएमसी
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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पार्टी के बैंक खातों को कथित रूप से फ्रीज किए जाने के मुद्दे पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई का विरोध करते हुए इसे राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित कदम बताया है। पार्टी ने कहा कि उसके सभी वित्तीय लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी हैं और चंदे से संबंधित सभी जानकारियां समय-समय पर चुनाव आयोग और आयकर विभाग को उपलब्ध कराई जाती रही हैं।

टीएमसी ने अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर जारी बयान में कहा कि पार्टी के बैंक खातों में उपलब्ध सभी फंड का पूरा विवरण संबंधित संवैधानिक और वैधानिक संस्थाओं को दिया गया है। पार्टी के अनुसार, चंदे से जुड़े सभी लेन-देन की जानकारी विधिवत भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) और आयकर विभाग को सौंपी गई है।

बयान में कहा गया कि इन जानकारियों को हर वर्ष चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित किया जाता है, जहां वे आम नागरिकों के लिए भी उपलब्ध रहती हैं। टीएमसी का कहना है कि उसने वित्तीय पारदर्शिता के सभी निर्धारित नियमों का पालन किया है और किसी भी प्रकार की जानकारी छिपाने का सवाल ही नहीं उठता।

पार्टी ने इलेक्टोरल बॉन्ड के मुद्दे का भी उल्लेख करते हुए कहा कि इस संबंध में पूरी जानकारी पहले से ही केंद्र सरकार के पास उपलब्ध है। टीएमसी के अनुसार, इलेक्टोरल बॉन्ड भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) द्वारा जारी किए गए थे और उनसे संबंधित विवरण बाद में भारत के सर्वोच्च न्यायालय को भी उपलब्ध कराया गया था। ऐसे में इस विषय पर किसी प्रकार की अस्पष्टता नहीं है।

टीएमसी ने आरोप लगाया कि पार्टी के बैंक खातों को फ्रीज करने का ईडी का निर्णय मनमाना और गैर-कानूनी है। पार्टी ने कहा कि वह इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है और इसे राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने की कोशिश के रूप में देखती है।

बयान में आगे कहा गया कि जांच एजेंसियों का राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कथित रूप से इस्तेमाल करना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कार्यशैली का हिस्सा बन गया है। टीएमसी ने आरोप लगाया कि इस तरह की कार्रवाइयां लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर (लेवल प्लेइंग फील्ड) के सिद्धांत को प्रभावित करती हैं।

पार्टी ने दोहराया कि वह अपने सभी वित्तीय रिकॉर्ड और चंदे से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में पूरी तरह पारदर्शी रही है और कानून के अनुरूप सभी आवश्यक जानकारियां संबंधित संस्थाओं को उपलब्ध कराती रही है। टीएमसी ने कहा कि वह इस मामले में अपने कानूनी और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आगे की कार्रवाई करेगी।


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