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बंगाल: शिकायतकर्ता के केस वापस लेने के बाद पूर्व टीएमसी पार्षद को मिली जमानत

कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद शम्स इकबाल को जबरन वसूली (उगाही) के एक मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद उन्हें शहर की एक अदालत से जमानत मिल गई।

बंगाल: शिकायतकर्ता के केस वापस लेने के बाद पूर्व टीएमसी पार्षद को मिली जमानत
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कोलकाता। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के पूर्व तृणमूल कांग्रेस पार्षद शम्स इकबाल को जबरन वसूली (उगाही) के एक मामले में सोमवार को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद उन्हें शहर की एक अदालत से जमानत मिल गई।

कोलकाता के पोर्ट इलाके के गार्डन रीच थाने की पुलिस ने सोमवार की सुबह शम्स इकबाल को गिरफ्तार किया था, लेकिन शिकायतकर्ता द्वारा मामला वापस लेने के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।

उन्हें 1,000 रुपए के निजी मुचलके पर जमानत मिली। पुलिस के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद शिकायत वापस ले ली गई।

शम्स इकबाल कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 134 से तृणमूल कांग्रेस के पार्षद रह चुके हैं। उन्हें पूर्व मेयर और पूर्व मंत्री फिरहाद हकीम का करीबी माना जाता है।

उन पर एक कारोबारी से 70 लाख रुपए की उगाही करने का आरोप है। उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इनमें गैर-जमानती धाराएं भी शामिल थीं। कुछ ही घंटों में मामला सुलझ जाने के कारण उन्हें जमानत मिल गई।

शम्स इकबाल अपने आलीशान जीवनशैली के लिए भी चर्चा में रहे हैं। उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर कई मशहूर हस्तियों के साथ तस्वीरें और पत्नी के साथ विदेश यात्राओं की फोटो मौजूद हैं। एक बार वह करोड़ों रुपए की लग्जरी कार से केएमसी मुख्यालय पहुंचे थे, जिससे काफी चर्चा हुई थी। कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में उन्हें फिरहाद हकीम के साथ मंच साझा करते भी देखा गया है।

आरोप है कि शम्स इकबाल ने गार्डन रीच इलाके के एक कारोबारी से कारोबार बिना किसी परेशानी के चलाने के नाम पर 70 लाख रुपए की उगाही की। मोहम्मद शादाब नाम के व्यक्ति ने हाल ही में गार्डन रीच थाने में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत के अनुसार, जून 2023 से शम्स और उसके सहयोगियों ने कारोबारी से पैसे वसूलने शुरू कर दिए थे। उनसे कहा गया कि अगर इलाके में बिना परेशानी कारोबार करना है तो पैसे देने होंगे।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि उससे कुल 70 लाख रुपए वसूले गए। साथ ही, पैसे नहीं देने पर उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी गई।

डर की वजह से वह लंबे समय तक पुलिस के पास नहीं जा सका। शिकायत में यह भी कहा गया है कि बाद में भी बंदूक दिखाकर उससे कई बार और पैसे वसूले गए।

कारोबारी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शम्स इकबाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। इस मामले में मोहम्मद फराज, फिरोज कुरैशी और शम्स के कुछ अन्य करीबी लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि इलाके में इन लोगों का काफी दबदबा था।

शम्स इकबाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत जबरन वसूली और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट के तहत भी केस दर्ज हुआ है। अब शिकायतकर्ता के समझौता करने के बाद यह देखना होगा कि उनके खिलाफ दर्ज आरोप आगे भी बने रहते हैं या नहीं।

राज्य विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद पार्टी के कई पार्षदों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें ज्यादातर पर जबरन वसूली, छेड़छाड़ और धमकी देने जैसे आरोप लगे हैं।

दावा किया जा रहा है कि लंबे समय तक तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में रहने के कारण जो लोग पहले शिकायत दर्ज कराने से डरते थे, वे अब पुलिस के पास जाकर शिकायत कर रहे हैं।


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